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सोमवार, 14 अगस्त, 2006 को 10:56 GMT तक के समाचार
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युद्धविराम लागू, विस्थापितों का लौटना शुरू
हमले
युद्धविराम लागू होने के बाद एक माह से अधिक समय तक चली लड़ाई रुक गई है
इसराइल और चरमपंथी गुट हिज़्बुल्ला के बीच एक महीने चली लड़ाई के बाद युद्धविराम लागू हो गया है.

ये युद्धविराम संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता के बाद लागू हो पाया है.
दोनों पक्षों के बीच सोमवार सुबह ग्रीनिच मान समय पाँच बजे यानी भारतीय समयानुसार लगभग 10.30 बजे युद्धविराम लागू हुआ.

बारह जुलाई को शुरू हुई लड़ाई में एक हज़ार से ज़्यादा लेबनान के लोग और करीब 155 इसराइली लोग मारे गए.

इसराइल और हिज़्बुल्ला दोनों ने इस लड़ाई में जीत का दावा किया है. हिज़्बुल्ला के सदस्यों ने बेरुत से जा रहे लोगों को पर्चे बाँटे और जीत पर लोगों को बधाई दी.

जबकि इसराइल में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क रेगेव ने कहा कि सैन्य और कूटनीतिक दृष्टि से हालात इसराइल के पक्ष में है.

युद्धविराम लागू होने के बाद इसराइल ने कहा है कि वो लेबनान की समुद्री और हवाई घेराबंदी जारी रखेगा.

इसराइल ने बेरुत में फेंके गए पर्चों में लिखा है कि अगर लेबनान की ज़मीन से हमला हुआ तो वो जबावी कार्रवाई करेगा.

विस्थापितों का लौटना शुरू

लोग बड़ी संख्या में दक्षिणी लेबनान लौट रहे हैं और सड़कों पर जाम लगा हुआ है

इसराइल ने कहा है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बल तैनात नहीं होता उसकी सेना लेबनान में रहेगी.

लेकिन युद्धविराम लागू होने के बाद से लेबनान के अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

युद्धविराम लागू होने के कुछ घंटों के भीतर ही हज़ारों विस्थापित लोग दक्षिणी लेबनान में अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं.

लड़ाई बंद होने के बाद बेरुत से जाने वाले हाइवे पर सामान से भरे कारें देखी गईं. सिदौन शहर से बाहर जाने वाली सड़क पर जाम लगा हुआ था.

इसराइली सेना अभी भी दक्षिणी लेबनान में है और उसने कहा है कि लितानी नदी के दक्षिण में यातायात पर लगे रोक को उसने हटाया नहीं है.

जबकि इसराइल के उत्तरी हिस्सों में लोगों को सलाह दी गई है कि लोग फिलहाल अपनी जगहों पर ही रहें.

युद्धविराम लागू होने से 15 मिनट पहले तक भी इसराइली हवाई हमले जारी थे.

हिंसा

एक महीने तक चली लड़ाई के कारण लेबनान में भारी तबाही हुई है

रविवार रात को हुई लड़ाई में कम से कम सात लेबनानी नागरिक मारे गए थे.

बीबीसी के जीम मियुर का कहना है कि युद्धविराम के बावजूद अप्रिय घटनाएँ होने की आशंका बनी हुई है.

हिज्बुल्ला के नेता शेख हसन नसरुल्ला ने सप्ताहांत में कहा था कि संगठन के लड़ाके युद्धविराम का सम्मान करेंगे लेकिन युद्धविराम के बाद लेबनान की ज़मीन पर इसराइल की मौजूदगी स्वीकार नहीं करेंगे.

अंतरराष्ट्रीय बल तैनात होने तक कुछ इसराइली सैनिक दक्षिणी लेबनान में रहेंगे.

इसराइली सैन्य अभियान के प्रमुख मेजर जनरल बेन्नी गांतज़ ने कहा, "आप इतनी आसानी से काले से सफ़ेद की ओर नहीं बढ़ सकते".

संयुक्त राष्ट्र के उपमहासचिव मार्क मालोच ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र- लेबनान संयुक्त सुरक्षा बल तैनात करने में एक महीना लग सकता है.

लेकिन यूरोपीय संघ के विदेश नीति के प्रमुख हाविए सोलाना ने संकेत दिए हैं कि अंतरराष्ट्रीय बल अगले हफ़्ते तैनात हो सकते हैं.

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