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क्या है लेबनान युद्धविराम का प्रस्ताव? | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान में युद्ध विराम के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित किया है- प्रस्ताव संख्या 1701. सुरक्षा परिषद के इस प्रस्ताव के केंद्र में है- संघर्षविराम, और दक्षिणी लेबनान में लेबनानी सेना और संयुक्तराष्ट्र के अधीन एक अंतरराष्ट्रीय शांतिरक्षक बल की संयुक्त तैनाती. इन सैनिकों की तैनाती के समय को, प्रस्ताव में अहम स्थान दिया गया है. इसमें इसराइली सरकार से कहा गया है कि एक अंतरराष्ट्रीय बल और लेबनानी सेना के 15 हज़ार सैनिकों की तैनाती शुरू होने के साथ ही वो सीमा पार से अपने सैनिकों को हटाने का काम शुरू कर दे. मतलब नए बल की तैनाती और इसराइली सेना की वापसी का काम साथ-साथ हो. सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में ये भी कहा गया है कि लेबनान में कोई भी हथियार वहाँ की सरकार की अनुमति से ही रहे. इस प्रावधान का ये अर्थ हुआ कि चरमपंथी संगठन हिज़बुल्ला को निरस्त्र किया जाए. उल्लेखनीय है कि हिज़्बुल्ला को निरस्त्र करने के इससे पहले के प्रस्तावों की अनदेखी होती रही है. बफ़र-ज़ोन प्रस्ताव में इसराइल-लेबनान सीमा और दक्षिणी लेबनान से गुजरने वाली लितानी नदी के बीच एक बफ़र-ज़ोन के प्रावधान को दीर्घावधि के समाधान के रूप में देखा जा सकता है.
सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के अनुसार इस इलाक़े में अंतरराष्ट्रीय बल और लेबनान सरकार की सेना ही रह सकती है. पारित प्रस्ताव में जहाँ हिज़्बुल्ला से सारे हमले रोकने के लिए कहा गया है, वहीं इसराइल से सिर्फ़ आक्रामक कार्रवाई रोकने की अपेक्षा की गई है. मतलब इसराइल के रक्षात्मक रूप में सैनिक कार्रवाई करने की गुंजाइश रहती है. लेबनान इसे इसराइल के पास हमले का एक बहाना छोडे़ जाने के तौर पर देखता है. इन सब प्रावधानों के बीच सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील भी की गई है, वे महीने भर की बमबारी से तबाह देश लेबनान में पुनर्निर्माण के काम में खुल कर सहायता दें. | इससे जुड़ी ख़बरें इसराइली हमले में 12 नागरिकों की मौत11 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना लेबनान में संघर्ष विराम पर प्रस्ताव संभव10 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना लेबनान में भीषण ज़मीनी लड़ाई10 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना का शहर पर क़ब्ज़ा09 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना लेबनान से जुड़े मसौदे पर संयुक्त राष्ट्र में बहस07 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हमले में '40 लोगों की मौत'07 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना हिज़्बुल्ला ने किया सबसे भीषण हमला06 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना सुरक्षा परिषद में युद्धविराम पर विचार06 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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