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'प्रभावित हो सकता है अमरीकी निवेश' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने चेतावनी दी है कि भारत में कोका कोला और पेप्सी जैसे शीतल पेयों पर प्रतिबंध लगाना देश में अमरीकी पूँजी निवेश को प्रभावित कर सकता है. अमरीका में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के उपमंत्री फ़्रैंकलिन लेविन ने कहा है कि ऐसा करना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नुक़सानदेह साबित हो सकता है. उपमंत्री ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि अगर विदेशी कंपनियों के साथ भेदभावपूर्ण बर्ताव किया जाता है तो यह काफ़ी दुर्भाग्यपूर्ण होगा. इस बारे में भारतीय उद्योग जगत के एक प्रवक्ता किरण पसरीचा ने एएफ़पी को बताया है कि अमरीकी कंपनियों को चाहिए कि वे इस मामले को स्थानीय राजनीति को ध्यान में रखते हुए देखें. उन्होंने यह भी कहा कि अमरीकी कंपनियों को ऐसी बातों के आधार पर अपनी निवेश की योजना तय नहीं करनी चाहिए. प्रतिबंध पिछले दिनों पर्यावरण के मुद्दे पर काम कर रहे एक ग़ैर सरकारी संगठन ने अपनी जाँचों के आधार पर दावा किया था कि भारतीय बाज़ार में उपलब्ध अमरीकी कोला पेयों में कीटनाशकों की मात्रा काफ़ी ज़्यादा है. इसके बाद भारत के छह राज्यों में राज्य सरकारों की ओर से इन शीतल पेयों पर प्रतिबंध की घोषणा कर दी गई थी. उधर इन शीतल पेय कंपनियों ने दावा किया है कि उनके पेय नुक़सानदेह नहीं हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें केरल में कोक और पेप्सी पर प्रतिबंध09 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस कीटनाशक तो माँ के दूध में भी-पवार05 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस पेप्सी, कोक को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस04 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस बोतल में कंडोम, पेप्सी को दंड26 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस मध्य प्रदेश में पेप्सी, कोक पर प्रतिबंध03 मई, 2005 | भारत और पड़ोस कीटनाशक की जगह पेप्सी-कोक01 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस "शीतलपेयों में कीटनाशकों की रिपोर्ट सही"04 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस कोक और पेप्सी सुरक्षितः सुषमा | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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