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ख़तना से एड्स पर अंकुश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पहली बार एड्स का मामला 25 साल पहले सामने आया था लेकिन अब ये बीमारी इतना ख़तरनाक रूप धारण कर चुकी है कि दुनिया भर में इसके चार करोड़ से ज़्यादा मरीज़ है. इस बीमारी की चपेट में आए अधिकतर लोग ग़रीब देशो से हैं. एड्स से निपटने के लिए शोध कार्य जारी है और इस क्षेत्र में वैज्ञानिको को थोड़ी बहुत सफलता भी हाथ लगी है लेकिन बीमारी का पूरी तरह इलाज़ करने वाली दवा अभी दूर की कौड़ी ही साबित हुई है. कनाडा की राजधानी टोरंटो में रविवार को शुरु हो रहे सम्मेलन में दुनिया भर के 24 हज़ार प्रतिनिधि इस जानलेवा बीमारी से निपटने के तौर तरीक़ों पर ग़ौर करेंगे. आयोजनकर्ताओं के मुताबिक सम्मेलन में एड्स से जूझ रहे लोगों तक दवाईयाँ पहुँचाने और एचआईवी संक्रमण रोकने के उपायों पर चर्चा होगी. ख़तना इस सम्मेलन से कुछ उत्साहित कर देने वाली ख़बरें आने की उम्मीद जताई जा रही है. माना जा रहा है कि पुरूष अगर ख़तना कराते हैं तो इस बीमारी के संक्रमण का ख़तरा कम हो जाता है. दक्षिण अफ़्रीका में कराए गए एक शोध से जो नतीजे सामने आए हैं उसके अनुसार ख़तना कराए जाने के बाद से एड़स संक्रमण के मामलो में 60 प्रतिशत तक की कमी आई है. सम्मेलन से पहले जो शोध पत्र जारी किए गए हैं उसमें भी इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि बीमारी के प्रसार को रोकने में ख़तना एक असरदार तरीका हो सकता है. अमरीकी शोधकर्ताओं का मानना है कि इस संबंध में यदि शल्य चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए तो संक्रमण के नए मामलो से निपटने में मदद मिलेगी. इस बैठक की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से वक्ताओं की सूची में अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के चेयरमैन बिल गेट्स का नाम भी शामिल किया गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें एड्स पीड़ित माँ-बाप के कारण आत्महत्या03 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस भारत में एड्स के ख़िलाफ़ संयुक्त मुहिम23 जून, 2006 | भारत और पड़ोस एड्सःउत्तर भारत पर ध्यान ज़रूरी07 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस दक्षिण भारत में एचआईवी में कमी30 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस एड्स दिवस पर संयुक्त राष्ट्र की अपील01 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस एड्स: डेढ़ लाख डॉक्टरों को प्रशिक्षण26 मई, 2005 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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