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संयुक्त राष्ट्र ने की संघर्षविराम की अपील | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र ने इसराइल और हिज़बुल्ला के बीच तीन दिन के संघर्षविराम की अपील की है जबकि अमरीका और ब्रिटेन ने तत्काल संघर्षविराम की बजाय स्थायी समाधान खोजने पर बल दिया है. संयुक्त राष्ट्र के राहत मामलों के संयोजक जेन इग्लैन ने इसराइल और हिज़बुल्ला के बीच तीन दिन के युद्धविराम की अपील की है ताकि दक्षिणी लेबनान से लोगों को बाहर निकाला जा सके और वहां फंसे लोगों के लिए दवा और राहत सामग्री पहुंचाई जा सके. इग्लैन ने कहा कि लड़ाई के कारण हज़ारों की संख्या मे लोग परेशान हैं और उनके पास न तो भोजन है और न ही रहने की कोई जगह. लेबनान की यात्रा के बाद इग्लैन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को ज़मीनी हालात से वाकिफ कराया है. इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की मुलाक़ात हुई है जिसमें मध्य पूर्व संकट पर भी बातचीत हुई. राष्ट्रपति बुश ने लेबनान और हिज़बुल्ला के बीच तत्काल संघर्षविराम की कोई अपील नहीं की और साथ ही कहा कि वहां अंतरराष्ट्रीय सेना जल्दी तैनात की जानी चाहिए. बातचीत के बाद दोनों नेताओं का कहना था कि वो मध्य पूर्व संघर्ष का स्थायी समाधान खोजना चाहते हैं.
उनका कहना था कि लेबनान में इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच तत्काल संघर्षविराम की जगह, उनका लक्ष्य समस्या का दीर्घकालिक समाधान खोजना है. राष्ट्रपति बुश ने कहा कि सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने दक्षिणी लबनान में बहुराष्ट्रीय सेना तैनात करने के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा. इस योजना के तहत अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस को शनिवार को मध्य पूर्व भेजा जा रहा है. लेबनान में अंतरराष्ट्रीय सेना की नियुक्ति के बारे में संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान ने कहा कि जो देश लेबनान में अंतरराष्ट्रीय सेना के लिए सैनिक भेजने की स्थिति में हैं वो सोमवार की बैठक में हिस्सा लेंगे. अन्नान ने अंतरराष्ट्रीय सेना के बारे में और कुछ कहने से यह कहते हुए इंकार किया कि फिलहाल इस प्रस्ताव को सुरक्षा परिषद की मंजूरी नहीं मिली है. राष्ट्रपति बुश ने ब्लेयर के साथ अपनी वार्ता के बाद पत्रकारों से बातचीत में ईरान और सीरिया पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने ईरान से फिर अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने का आहवान किया और सीरिया से अपील की कि वह शांति कायम करने के लिए सक्रिय भूमिक निभाए. लड़ाकों को मारने का दावा उधर दक्षिणी लेबनान में लड़ाई जारी है और इसराइल ने 26 हिज़्बुल्ला लड़ाकों को मार देने का दावा किया है. इसराइल का कहना है कि लड़ाई के शुरु होने से लेकर अब तक उसने दो सौ से ज़्यादा हिज़्बुल्ला लड़ाकों को मार दिया है. ज़्यादातर लड़ाई बिंट जबैल नाम के नगर में हो रही है जिसे इसराइल हिज़्बुल्ला का गढ़ मानता है. उसके अनुसार रॉकेट सीमा से 50 किलोमीटर दूर अफ़ूला शहर में गिरा है. | इससे जुड़ी ख़बरें इतिहास बदलने वाला स्वेज़ नहर संकट28 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइल के दावे से अमरीका नाराज़28 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना 'इसराइली बमबारी में 600 मारे गए'27 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना लेबनान से सैनिक हटाएगा ऑस्ट्रेलिया27 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना अन्नान का तुरंत युद्धविराम का आग्रह26 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हमलों में पर्यवेक्षकों की मौत25 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइल शांतिबलों की तैनाती पर सहमत24 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइल को अमरीकी बमों की खेप22 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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