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इसराइल पर हिज़्बुल्ला का हमला, नौ मरे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान में चरमपंथी संगठन हिज़्बुल्ला ने इसराइल के तटीय नगर हाइफ़ा पर रॉकेट दागे हैं. हाइफ़ा पुलिस के कहना है कि हमलों में कम से कम नौ लोग मारे गए हैं. कई लोगों के घायल होने की भी ख़बर है. इस बीच पाँचवें दिन भी लेबनान पर इसराइली हमले जारी हैं. इसराइल ने ग़ज़ा पर भी हमले किए हैं. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक हवाई हमले में कम से कम तीन फ़लस्तीनी मारे गए हैं. हिज़्बुल्ला ने हाइफ़ा नगर पर पहली बार में कम से कम 13 रॉकेट दागे जिनमें से एक रेलवे स्टेशन पर गिरा. इसराइली रेडियो के मुताबिक दूसरी बार किए गए हमले में चार रॉकेट दागे गए जिनमें से एक हाइफ़ा की सड़क पर गिरा. बताया जा रहा है कि इसके बाद सड़कों पर जा रहे लोग वहाँ भाग गए. हाइफ़ा इसराइल का तीसरा सबसे बड़ा नगर है. हमले जब से इसराइल-लेबनान के बीच संघर्ष शुरू हुआ है,तब से ये पहली बार है कि हिज़्बुल्ला चरमपंथियों के हमले में एक साथ इतने इसराइली हताहत हुए हैं. हिज़्बुल्ला का इसराइल पर अब तक का सबसे घातक हमला है. बीबीसी संवाददाता बेथनी बेल का कहना है कि अब तक माना जा रहा था कि हाइफ़ा जैसे नगर, जो लेबनान की सीमा से 30 किलोमीटर दूर हैं, हिज़्बुल्ला के निशाने से बाहर हैं. हिज़्बुल्ला ने इस हमले की ज़िम्मेदारी लेते हुए कहा है कि करीब 80 लेबनान नागरिकों के मारे जाने और लेबनान में हुई तबाही का बदला लेने के लिए ये हमले किए गए हैं. बीबीसी संवाददाता इयन पेन्नल ने बेरुत से बताया है कि रविवार को भी लेबनान पर इसराइली हमले हुए हैं. हिज़्बुल्ला के अल-मनर टीवी और एक बिजली घर पर भी हमला किया गया है. ईरान की धमकी
संवाददाता के मुताबिक बिजली घर में लगी आग को बुझाने के लिए अग्निशमन दल को बुलाया गया लेकिन उनके पास पानी ख़त्म हो गया और आम नागरिकों से मदद की अपील की गई. हिंसा के देखे हुए विदेशी नागरिक लेबनान छोड़ कर जा रहे हैं. फ्रांस ने अपने दो युद्धपोत लेबनान भेजे हैं ताकि वो अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस ला सके. इसके अलावा ब्रिटेन ने भी इस क्षेत्र में एहतियात के दौर पर अपने दो युद्धपोत भेजे हैं. इससे पहले लेबनान के प्रधानमंत्री फौद सिनियोरा ने टेलीविज़न पर राष्ट्र के नाम संदेश में इसराइली हमलों की निंदा करते हुए सुयंक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप और तुरंत संघर्षविराम की अपील की थी. इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों का खंडन किया है कि उसने हिज़्बुल्ला को हथियार दिए हैं. ईरान ने इसराइल का आगाह करते हुए कहा है कि वो सीरिया पर हमला करने के बारे में न सोचे. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ऐसा होने पर इसराइल को ख़ासा नुकसान झेलना पड़ेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें लगातार पांचवे दिन इसराइली हमले जारी16 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना लेबनानी प्रधानमंत्री ने की अपील 15 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना हमले रोकने के लिए इसराइल की शर्त14 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली शहर हाइफ़ा पर रॉकेट हमले13 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना लेबनान की समुद्री और हवाई नाकेबंदी13 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना ग़ज़ा पट्टी में युद्धविराम की पेशकश08 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइल को मंगलवार तक का समय03 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना अगवा किया गया 'सैनिक जीवित है'04 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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