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सेंट पीटर्सबर्ग में जी आठ सम्मेलन शुरु | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रुस के सेंट पीटर्सबर्ग में समूह आठ देशों का सम्मेलन शुरु हो गया है जहां अमरीका राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की मुलाक़ात हुई है. ब्लेयर ने कहा है कि सम्मेलन में मध्य पूर्व संकट के हल के लिए कोई न कोई योजना तैयार करनी होगी. मध्य पूर्व में पिछले कुछ दिनों से एक बार फिर संकट बढ़ गया है और इसराइल ने अपने सैनिकों के अगवा किए जाने के बाद गज़ा पट्टी और पड़ोसी देश लेबनान पर हवाई हमले शुरु कर दिए हैं. बैठक में मध्य पूर्व के अलावा दुनिया की ऊर्जा ज़रुरतों पर भी बातचीत होनी है. अगले 25 वर्षों में वैश्विक ऊर्जा की ख़पत पचास प्रतिशत बढ़ने की संभावना है. जी आठ में से सिर्फ रुस ही एकमात्र ऐसा देश है जो अगले कई वर्षों तक ईंधन के आयात की बजाय निर्यात करता रहेगा. रुस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन इस बैठक के दौरान अन्य सदस्य देशों को आश्वस्त करने की कोशिश करेंगे कि रुस एक बेहतरीन निर्यातक हो सकता है और उस पर भरोसा किया जाए. सम्मेलन में दुनिया के आठ सबसे धनी देश हिस्सा लेते हैं जबकि कुछ देशों को विशेष तौर पर इसमें आमंत्रित किया जाता है. मध्य पूर्व समस्या सम्मेलन शुरु होने से पहले ही संभावना व्यक्त की जा रही थी कि बैठक में व्यवसाय के स्थान पर मध्य पूर्व और ऐसे ही अन्य संकटों का मुद्दा छाया रहेगा. लेबनान पर इसराइल के तेज़ होते हमलों ने इस संभावना को पूरी तरह सही साबित कर दिया है. सेंट पीटर्सबर्ग में जब आठ शक्तिशाली देशों के नेता बैठेंगे तो निश्चित तौर पर इस मुद्दे पर चर्चा होनी है. हालांकि मध्य पूर्व में कोई सर्वसम्मत योजना बन सकेगी इसमें संदेह है क्योंकि इसराइल के रुख को लेकर रुस और फ्रांस के विचार अमरीका से बिल्कुल अलग हैं. जहां कल देर रात रुसी राष्ट्रपति ने इसराइल पर लेबनान पर हमला कर के बड़े हित साधने का आरोप लगाया वहीं अमरीका ने कहा कि इसराइल को अपने बचाव में कार्रवाई करने का हक है. इस बैठक में भारत भी हिस्सा ले रहा है और भारत ने साफ कर दिया है कि मुंबई और कश्मीर में बम धमाकों के बाद वह इस बैठक में आतंकवाद का मुद्दा ज़ोर शोर से उठाएगा. बैठक तीन दिन चलेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें बुश-पुतिन में सहमति नहीं बनी15 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना ब्रिटेन में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था05 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना जी-8 पर बम धमाकों की गहरी छाया07 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना स्कॉटलैंड में प्रदर्शनकारियों की भीड़05 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना ग़रीबी के ख़िलाफ़ जुटे संगीतकार03 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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