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अमरीका में तंबाकू कंपनियों की जीत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के फ़्लोरिडा राज्य की सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा फ़ैसला दिया है जिसे बड़ी तंबाकू कंपनियों के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है. इस फ़ैसले से बड़ी तंबाकू कंपनियाँ कोई 145 अरब डॉलर का क्षतिपूर्ति मुआवज़ा देने से बच जाएँगी. ये मुआवज़ा फ़्लोरिडा के तीन लाख से सात लाख तक लोगों के दिया जाना था जो धूम्रपान करने की वजह से अस्वस्थ हो गए हैं. एक महत्वपूर्ण फ़ैसला देते हुए अमरीकी ज्यूरी ने इस बात से इनकार किया है कि सिगरेट कंपनियों ने सिगरेट पीने के नुक़सान के बारे में ग़लत जानकारियाँ दीं. इससे पहले वर्ष 2000 में पाँच बड़ी सिगरेट कंपनियों के ख़िलाफ़ एक निचली अदालत ने क्षतिपूर्ति देने का फ़ैसला सुनाया था. वह 145 अरब डॉलर का मुआवज़ा आदेश था और अमरीकी इतिहास का सबसे बड़ा हर्ज़ाना आदेश था. वर्ष 2003 में हाईकोर्ट ने इस फ़ैसले पर रोक लगा दी थी और अब सुप्रीम कोर्ट ने उस रोक को सही ठहराया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मुआवजे को क़ानून के तहत अत्यधिक बताया था. अदालत ने कहा है कि धूम्रपान से लोगों को अलग-अलग तरह का नुक़सान होता है और सभी को अलग-अलग मुआवज़ा मुक़दमा दायर करना चाहिए. इस फ़ैसले के बाद शेयर बाज़ार में इन सिगरेट कंपनियों के शेयरों के भाव बढ़ गए. | इससे जुड़ी ख़बरें तंबाकू उत्पादों पर कड़े नियंत्रण की माँग31 मई, 2006 | विज्ञान सिगरेट के पैकट पर कैसी तस्वीर?27 मई, 2006 | विज्ञान सिर्फ़ कुछ सिगरेट भी ख़तरनाक22 सितंबर, 2005 | विज्ञान तंबाकू के ज़्यादा शिकार ग़रीब हैं31 मई, 2004 | विज्ञान धूम्रपान से जुड़ा जीन02 जुलाई, 2003 | विज्ञान तंबाकू पर ऐतिहासिक समझौता21 मई, 2003 | पहला पन्ना मुँह के कैंसर का ख़तरा05 मार्च, 2003 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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