|
'यातना पर पूर्ण पाबंदी की बात भूलें नहीं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकार मामलों की उच्चायुक्त लुईस आर्बर ने अपील की है कि सभी देश यातना पर पूरी तरह पाबंदी लगाने के अपने कर्तव्य को भूलें नहीं. उन्होंने कहा कि सरकारें इसका भी ध्यान रखें कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को निष्पक्ष न्याय मिले और उन्हें सुरक्षा भी मुहैया कराई जाए. जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के नए मानवाधिकार परिषद के पहले सत्र को संबोधित करते हुए आर्बर ने 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध' के नाम पर कथित रूप से चलाए जा रहे गुप्त हिरासत केंद्रों पर चिंता व्यक्त की. एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लुईस आर्बर की टिप्पणी में अमरीका पर ही इशारा किया गया है. आरोप हाल के दिनों में अमरीका की इस बात के लिए काफ़ी आलोचना होती रही है कि उसने क्यूबा स्थित ग्वांतानामो बे में सैकड़ो संदिग्ध लोगों को बिना मुक़दमा चलाए रखा है. अमरीका पर यह भी आरोप है कि वह किसी तीसरे देश के गुप्त हिरासत केंद्र में भी कुछ संदिग्ध चरमपंथियों को पूछताछ के लिए भेजता रहा है. इस मामले में कुछ यूरोपीय देशों पर भी गंभीर आरोप लगे हैं. मानवाधिकार परिषद की बैठक में अमरीका ने कहा कि वह सभी क़ैदियों के प्रति मानवीय व्यवहार की अपनी नीति पर क़ायम है. अमरीका ने यातना ख़त्म करने पर भी प्रतिबद्धता जताई. | इससे जुड़ी ख़बरें 'ग्वांतानामो' बंद करने के लिए बुश की शर्त14 जून, 2006 | पहला पन्ना रेड क्रॉस ग्वांतनामो बे का दौरा करेगा13 जून, 2006 | पहला पन्ना अमरीका ने भी रिपोर्ट खारिज की07 जून, 2006 | पहला पन्ना 'यूरोपीय देशों ने रिपोर्ट को ख़ारिज किया'07 जून, 2006 | पहला पन्ना काउंसिल ऑफ़ यूरोप की रिपोर्ट का खंडन07 जून, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||