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गुरुवार, 06 जुलाई, 2006 को 14:01 GMT तक के समाचार
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लंदन रिपोर्ट में विफलताओं का उल्लेख
घायल
2005 नें लंदन में हुए धमाकों में 52 लोग मारे गए थे
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में पिछले साल हुए बम धमाकों के सिलसिले में आई एक आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया है कि खराब संचार व्यवस्था और स्वास्थ्य सामग्री की कमी के चलते बचाव कार्य में बाधा आई थी.

लंदन में सात जुलाई 2005 को बम धमाके हुए थे.

रिपोर्ट में राहतकर्मियों के योगदान को सराहा गया है और कहा गया है कि भूमिगत रेल यानी ट्यूब स्टेशनों में राहतकर्मी रेडियो का इस्तेमाल नहीं कर पाए.

राहत कार्यों में कुछ राहतकर्मियों ने मोबाइल फ़ोन का प्रयोग किया लेकिन नेटवर्क पर इतना बोझ था कि वो चलना ही बंद हो गया.

रिपोर्ट के मुताबिक लोगों की जान बचाने की अफ़रातफ़री में उन लोगों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं ली गई जो घायल थे लेकिन जिन्हें इस हादसे के बाद सलाह की ज़रूरत थी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि आपात सेवाओं के लिए जल्द से जल्द डिजिटल रेडियो प्रयोग में लाने चाहिए.

रिपोर्ट के लिए गठित समिति के प्रमुख रिचर्ड बर्नस ने कहा है कि कई ऐसी मिसालें हैं जहाँ राहतकर्मियों, ट्यूब कर्मचारियों, स्वास्थ्य कर्मचारियों और आम नागरिकों ने सराहनीय काम किया. और ये जब संचार व्यवस्था में समस्याओं का बावजूद हुआ.

रिपोर्ट के मुताबिक रसल स्कवेयर जहाँ धमाका हुआ था, उसके पास के अस्पताल को अलर्ट नहीं किया गया हालांकि फ़ील्ड अस्पताल यानि घटनास्थल पर एक अस्पताल शुरु किया गया था.

'विफलता'

रिचर्ड बर्नस ने कहा कि भूमिगत संचार व्यवस्था के लिए 18 साल पहले अनुशंसा की गई थी लेकिन इसका क्रियान्वयन नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि ये स्वीकार्य नहीं है.

रिचर्ड बर्नस ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि विफलताओं के कारण किसी की जान गई.

बर्नस ने कहा, लंदन की आपात योजाओं का परीक्षण किया गया है और उन्हें सुधारा गया है लेकिन पिछले साल सात जुलाई को ये स्पष्ट हो गया कि हमलों के दौरन फसे कई लोगों की ज़रूरतों को इन योजनाओं में नज़रअंदाज़ किया गया है.

लेकिन मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा कि उसे और ब्रितानी यातायात पुलिस को लगता है कि धमाकों के दौरान रेडियो नेटवर्क ने ठीक काम किया.

सात जुलाई 2005 को लंदन के ट्यूब स्टेशनों में हुए धमाकों में 52 लोग मारे गए थे.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि इस हादसे से पहले ही सबक ले लिया गया है लेकिन सरकार रिपोर्ट को विस्तार से पढ़ेगी.

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