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ब्रिटेन में नए सुरक्षा नियमों की घोषणा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन सरकार ने ऐसे नियमों की घोषणा की जिनमें व्यवस्था है कि यदि कोई व्यक्ति 'आतंकवादी हिंसा' को भड़काने, उसका स्पष्टीकरण देने या ऐसी गतिविधियों की प्रशंसा करने की कोशिश करता है तो उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा सकती है. ब्रिटेन के गृह मंत्री चार्ल्स क्लार्क ने इस विषय में कहा है कि ऐसे लोगों को निर्वासित किया जा सकता है या फिर ब्रिटेन में उनके आने पर रोक लगाई जा सकती है. सरकार ने सार्वजनिक किया है कि किस आधार पर 'आतंकवाद' से संबंधित संदिग्ध विदेशी लोगों पर ये कार्रवाई की जा सकती है. इस संदर्भ में लेख लिखना, छापना, प्रचार करना और सामग्री बाँटने पर भी कार्रवाई की जा सकती है. यदि ऐसी गतिविधियाँ की जाती हैं जिनसे ब्रिटेन में रह रहे समुदायों के बीच हिंसा भड़क सकती है तब भी ये कार्रवाई हो सकती है. ब्रितानी सरकार दुनिया भर के ऐसे लोगों का डाटाबेस यानी सूची बना रही है जो इस तरह बर्ताव करते आए हैं. ये क़दम लंदन में बम धमाकों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को पुख़्ता बनाने के तहत उठाए गए हैं. इस बारे में सरकार दो हफ़्ते तक विस्तृत चर्चा कर चुकी है. ब्रिटेन कई देशों से आश्वासन लेने की कोशिश कर रहा है कि यदि किसी को निर्वासित किया जाता है तो उसे उन देशों में प्रताड़ित नहीं किया जाएगा. लेकिन कई नागरिक और मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है कि निर्वासित किए गए लोगों को प्रताड़ित किया जा सकता है. |
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