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फ़लस्तीनी गुटों में सुलह के लिए बातचीत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विभिन्न फ़लस्तीनी गुटों के नेताओं में आपसी मतभेद सुलझाने के लिए बातचीत हो रही है. हाल में सत्तारूढ़ हमास और फ़तह के समर्थकों में भारी संघर्ष हो चुका है. हमास और फ़तह के बीच तनाव चरम पर है और छिटपुट हिंसक घटनाएँ पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हो रही हैं. इस बातचीत में हमास की जीत के बाद फ़लस्तीनी सरकार पर इसराइल और पश्चिम देशों के आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाने के मुद्दे पर भी चर्चा होगी. यूरोपीय संघ और अमरीका हमास पर हिंसा छोड़ने के लिए दबाव डाल रहे हैं. इधर अमरीका यात्रा पर गए इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने कहा है कि वो फ़लस्तीनियों से वार्ता के लिए तैयार हैं लेकिन इसके लिए हमास को हिंसा छोड़कर इसराइल को मान्यता देनी होगी. अमरीकी संसद में दिए गए अपने एक भाषण में ओल्मर्ट ने कहा, "मैं फ़लस्तीनी प्रशासन के चुने हुए राष्ट्रपति महमूद अब्बास से शांति की पहल कर रहा हूँ." उन्होंने कहा, "लेकिन किसी चरमपंथी को वीटो का अधिकार नहीं दिया जा सकता जो सभी उम्मीदों को बंधक बना ले." उल्लेखनीय है कि इसराइल, अमरीका और यूरोपीय संघ हमास को एक चरमपंथी संगठन मानते हैं. हमास ने जनवरी में चुनाव जीतकर फ़लस्तीनी सरकार का गठन किया है और वो इसराइल को मान्यता देने से इनकार करता रहा है. उल्लेखनीय है कि फतह के प्रमुख महमूद अब्बास फ़लस्तीनी प्राधिकरण के प्रमुख नेता हैं जबकि सरकार उनके विरोधी संगठन हमास की है. | इससे जुड़ी ख़बरें विरोधी फ़लस्तीनी गुट आपस में भिड़े18 मई, 2006 | पहला पन्ना ओल्मर्ट का शांति वार्ता का सशर्त प्रस्ताव24 मई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हमले में चार की मौत20 मई, 2006 | पहला पन्ना शांति वार्ता पर काम शुरू हो: अब्बास21 मई, 2006 | पहला पन्ना हमास का एक शीर्ष चरमपंथी गिरफ़्तार23 मई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली प्रधानमंत्री की राइस से बातचीत23 मई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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