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मुसावी ने कहा, हर दिन 9/11 हो | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की एक अदालत में अल क़ायदा के कथित सदस्य ज़कारियास मुसावी ने 9/11 को अमरीका में हुई मौतों पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा है कि वे चाहते हैं कि हर दिन ऐसा हो. 11 सितंबर 2001 को अमरीका में हुए हमलों में कम से कम 3000 लोग मारे गए थे. अदालत में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले की सुनवाई चल रही थी और उनका बयान दर्ज किया जा रहा था. ज़कारियास मुसावी के मामले की सुनवाई के अंतिम दौर में है और इसके बाद वह तय करेगी कि मुसावी को मौत की सज़ा सुनाई जाए या नहीं. जब उनसे पूछा गया कि क्या 11 सितंबर को हुए हमले के लिए उन्हें कोई दुख या टीस होती है, तो उन्होंने साफ़ कहा, "नहीं, हरगिज़ नहीं." मुसावी ने कहा, "हम आपके देश को पीड़ा पहुँचाना चाहते थे और मैं चाहता हूँ कि आपके देश को और दुख मिले." ज़कारियास मुसावी ने अदालत में कहा कि न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन में हुई मौतों से उन्हें ख़ुशी हुई. अदालत में उनका बयान था कि वो अमरीका से घृणा करते हैं क्योंकि अमरीका दुनिया की दुर्दशा के लिए ज़िम्मेदार है और उसने इसराइल राष्ट्र के गठन का समर्थन किया था. उनका कहना था कि वे किसी भी अमरीकी को कहीं भी मार सकते हैं. उन्होंने अदालत में इस बात से इंकार किया कि विमानों को इमारतों से टकरा देना पागलपन था और कहा कि वे ऐसा फिर कर सकते हैं. हालांकि मुसावी ने कहा कि वे मरना नहीं चाहते. उन्होंने कहा, "मैं सच बोल रहा हूँ और ख़ुदा मेरी हिफ़ाज़त करेगा." सुनवाई के दौरान मुसावी ने अपने वकीलों पर ही हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि उनके वकीलों के अपने निहित स्वार्थ हैं. मुसावी ने अपने वकीलों के बारे में कहा कि वे पहले अमरीकी हैं और फिर यहूदी. अपने लिए मुसलमान वकील की मांग करते हुए मुसावी ने अदालत से कहा, "कोई तो ऐसा व्यक्ति अदालत में हो जिस पर मैं भरोसा कर सकूँ." दूसरी ओर अदालत की ओर से मुहैया करवाए गए मुसावी के बचाव पक्ष के वकील लगातार तर्क दे रहे हैं कि मुसावी की मानसिक अवस्था स्थिर नहीं है. बचाव पक्ष का कहना है कि मुसावी की हालत को देखते हुए उन्हें मौत की सज़ा नहीं दी जानी चाहिए. आरोप तीन अप्रैल 2006 को ज्यूरी ने कहा था कि अल क़ायदा के कथित सदस्य ज़कारियास मुसावी को सितंबर 2001 में हुए हमलों के सिलसिले में मौत की सज़ा सुनाई जा सकती है.
अमरीका में 11 सितंबर के हमलों के मामले में ज़कारियास मुसावी पर ही मुकदमा चलाया गया है. इन हमलों में लगभग तीन हज़ार लोग मारे गए थे. सरकारी वकीलों का कहना है कि मुसावी 11 सितंबर की साज़िश का हिस्सा थे और उन्होंने जाँचकर्ताओं से झूठ बोला था, अगर वे सच बताते तो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागॉन पर हुए हमलों को रोका जा सकता था. बचाव पक्ष का तर्क है कि वो दिमागी तौर पर ठीक नहीं है और हमलों में उनका कोई हाथ नहीं था. ज़कारियास मुसावी मोरोक्को में पैदा हुए फ़्रांसीसी नागरिक हैं. उन्होंने 11 सितंबर के हमलों का षड्यंत्र रचने के मामले में छह आरोप स्वीकार किए हैं. मुसावी को अगस्त, 2001 में गिरफ़्तार किया गया था और 9/11 के हमले के समय मुसावी अमरीका की जेल में बंद थे. उन्हें 'आतंकवादी' होने के संदेह में गिरफ़्तार कर लिया गया था. उन दिनों वे विमान उड़ाना सीख रहे थे और उनके प्रशिक्षक को उन पर शक हो गया था जिन्होंने उनकी शिकायत कर दी थी. | इससे जुड़ी ख़बरें मुसावी मामले में पूर्व मेयर पेश हुए06 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'मुसावी पर ज्यूरी के फ़ैसले का स्वागत'04 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना मुसावी को हो सकती है मौत की सज़ा03 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना पढ़ा लिखा कट्टरपंथी है मुसावी03 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'व्हाइट हाउस में विमान टकराने का आदेश'27 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'कृपया मुसावी को हीरो ना बनाएँ'07 मार्च, 2006 | पहला पन्ना मुसावी को सज़ा सुनाए जाने की कार्यवाही06 मार्च, 2006 | पहला पन्ना मुसावी के मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई03 दिसंबर, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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