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मुसावी को सज़ा सुनाए जाने की कार्यवाही | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ग्यारह सितंबर के हमलों के सिलसिले में फ्रांसीसी नागरिक ज़करियास मुसावी के ख़िलाफ़ चल रहे मुक़दमे में सज़ा सुनाए जाने की कार्यवाही शुरू हुई है. ग्यारह सितंबर के हमले के मामले में वे एकमात्र अभियुक्त हैं जिनके ख़िलाफ़ अमरीका में मुक़दमा चलाया जा रहा है. अमरीका के वर्जीनिया प्रांत के एलेक्ज़ांड्रिया शहर में यह मुक़दमा चल रहा है और बीबीसी संवाददाता लॉरा ट्रेवेलियन का कहना है कि उन्हें मौत की सज़ा सुनाई जा सकती है. एलेक्ज़ांड्रिया की अदालत के बाहर इस मौक़े पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और अदालत की ओर जाने वाली कई सड़कों को बंद कर दिया गया है. हमले के समय मुसावी अमरीका की जेल में बंद थे क्योंकि एक महीने पहले ही उन्हें आतंकवादी होने के संदेह में गिरफ़्तार कर लिया गया था. उन दिनों वे विमान उड़ाना सीख रहे थे और उनके प्रशिक्षक को उन पर शक हो गया था जिन्होंने उनकी शिकायत कर दी थी. सरकारी वकीलों का कहना है कि मुसावी ग्यारह सितंबर की साज़िश का हिस्सा थे और उन्होंने जाँचकर्ताओं से झूठ बोला था, अगर वे सच बताते तो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागॉन पर हुए हमलों को रोका जा सकता था. सरकारी वकील माँग करने वाले हैं कि मुसावी को इस अपराध के लिए मौत की सज़ा दी जाए. मुसावी ने स्वीकार किया है कि वे अमरीका में हमले करने के उद्देश्य से ही विमान उड़ाना सीख रहे थे लेकिन वे ग्यारह सितंबर की साज़िश का हिस्सा नहीं थे. उनका कहना है कि उनकी अपनी एक अलग योजना थी जिसके तहत वे व्हाइट हाउस पर हमला करना चाहते थे. माना जा रहा है कि बचाव पक्ष के वकील मुसावी को मौत की सज़ा देने का विरोध करेंगे और साबित करने की कोशिश करेंगे कि अगर अमरीकी सरकार को पता भी होता तो ग्यारह सितंबर के हमले को रोका नहीं जा सकता था. अदालत की कार्यवाही पर उन हज़ारों लोगों की ख़ास नज़र है जिनके रिश्तेदार ग्यारह सितंबर के हमलों में मारे गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें मुसावी के ख़िलाफ़ आरोप वापस26 सितंबर, 2003 | पहला पन्ना मुसावी ने बयान पलटा25 जुलाई, 2002 | पहला पन्ना मुसावी ने नहीं माने आरोप03 जनवरी, 2002 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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