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मुसावी मामले में पूर्व मेयर पेश हुए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी शहर न्यूयॉर्क के पूर्व मेयर रूडोल्फ़ जूलियानी ने अदालत के सामने 11 सितंबर, 2001 को वर्ल्ड ट्रेड टॉवर पर हुए हमले के 'भयावह दृश्य' को बयान किया. उन्होंने ज्यूरी को बताया कि वो भरोसा नहीं कर पा रहे थे कि लोग वर्ल्ड ट्रेड टॉवर से कूद रहे हैं. लेकिन उन्होंने अपनी आँखों से इस दृश्य को देखा है. ज्यूरी अल क़ायदा के स्वघोषित सदस्य ज़कारियास मुसावी के मामले की सुनवाई के अंतिम दौर में है और इसके बाद वह तय करेगी कि मुसावी को मौत की सज़ा सुनाई जाए या नहीं. अदालत इस हमले में मारे गए लोगों के कुछ रिश्तेदारों के बयान भी सुनेगी. पूर्व मेयर जूलियानी ने ज्यूरी को बताया वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से दो लोगों के हाथ पकड़कर कूदने का दृश्य आज भी उनके सामने ताज़ा है. उन्होंने कहा,'' मैं जम सा गया था. मैंने महसूस किया कि कुछ सेकंड के लिए मेरी सोचने की क्षमता समाप्त हो गई.'' अदालत ने दूसरे टॉवर की चौरासीवीं मंज़िल पर फंसी एक महिला के टेलीफ़ोन कॉल को भी सुना. वो कह रही थी, '' हम फ्लोर पर हैं और सांस नहीं ले पा रहे हैं... क्या मैं मर जाऊंगी.'' आरोप सोमवार को ज्यूरी ने कहा था कि अल क़ायदा के कथित सदस्य ज़कारियास मुसावी को सितंबर 2001 में हुए हमलों के सिलसिले में मौत की सज़ा सुनाई जा सकती है. अमरीका में 11 सितंबर के हमलों के मामले में ज़कारियास मुसावी पर ही मुकदमा चलाया गया है. इन हमलों में लगभग तीन हज़ार लोग मारे गए थे.
सरकारी वकीलों का कहना है कि मुसावी ने 11 सितंबर के हमलों की जानकारी छिपा ली वरना हमलों को रोका जा सकता था. बचाव पक्ष का तर्क है कि वो दिमागी तौर पर ठीक नहीं है और हमलों में उनका कोई हाथ नहीं था. ज़कारियास मुसावी मोरोक्को में पैदा हुए फ़्रांसीसी नागरिक हैं. उन्होंने 11 सितंबर के हमलों का षड्यंत्र रचने के मामले में छह आरोप स्वीकार किए हैं. मुसावी को अगस्त, 2001 में गिरफ़्तार किया गया था और 9/11 के हमले के समय मुसावी अमरीका की जेल में बंद थे. उन्हें 'आतंकवादी' होने के संदेह में गिरफ़्तार कर लिया गया था. उन दिनों वे विमान उड़ाना सीख रहे थे और उनके प्रशिक्षक को उन पर शक हो गया था जिन्होंने उनकी शिकायत कर दी थी. सरकारी वकीलों का कहना है कि मुसावी 11 सितंबर की साज़िश का हिस्सा थे और उन्होंने जाँचकर्ताओं से झूठ बोला था, अगर वे सच बताते तो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागॉन पर हुए हमलों को रोका जा सकता था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मुसावी पर ज्यूरी के फ़ैसले का स्वागत'04 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना पढ़ा लिखा कट्टरपंथी है मुसावी03 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'व्हाइट हाउस में विमान टकराने का आदेश'27 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'मुसावी ने हमलों की जानकारी छिपाई'08 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'कृपया मुसावी को हीरो ना बनाएँ'07 मार्च, 2006 | पहला पन्ना मुसावी को सज़ा सुनाए जाने की कार्यवाही06 मार्च, 2006 | पहला पन्ना मुसावी के मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई03 दिसंबर, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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