|
'मुसावी ने हमलों की जानकारी छिपाई' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ग्यारह सितंबर के हमलों के सिलसिले में फ्रांसीसी नागरिक ज़करियास मुसावी के मुकदमे में सरकारी वकीलों ने कहा है उन्होंने अल क़ायदा के प्रशिक्षण के अनुसार ग्यारह सितंबर के हमलों की विस्तृत जानकारी छिपाई. अमरीका पर ग्यारह सितंबर को हुए हमलों के मामले में एक मात्र अभियुक्त हैं और उन्हें सज़ा सुनाए जाने की कार्यवाही मंगलवार को शुरू हुई. अमरीका के वर्जीनिया प्रांत में चल रहे मुक़दमे में सरकारी वकील ने ये साबित करने की कोशिश की कि वे जानबूझकर चुप रहे और जो तीन हज़ार लोग इन हमलों में मारे गए, उसके लिए वे ज़िम्मेदार हैं. उधर मुसावी के वकील का कहना था कि अमरीकी गुप्तचर सेवा एफ़बीआई को 9/11 के हमलों के बारे में मुसावी से ज़्यादा पता था. मुसावी को ग्यारह सितंबर के हमलों से कुछ दिन पहले ही गिरफ़्तार किया गया था और उन्होने माना कि वे अल क़ायदा के सदस्य हैं और षड्यंत्र रचने के छह आरोपों में भी उन्होंने अपना दोष माना. लेकिन उनका कहना था कि वे ग्यारह सितंबर को हुए हमलों में शामिल नहीं थे लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय पर हवाई हमलों के एक षड्यंत्र में शामिल थे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि मुसावी को आजीवन कारावास या फिर मौत की सज़ा सुनाई जा सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'कृपया मुसावी को हीरो ना बनाएँ'07 मार्च, 2006 | पहला पन्ना मुसावी के ख़िलाफ़ आरोप वापस26 सितंबर, 2003 | पहला पन्ना मुसावी ने बयान पलटा25 जुलाई, 2002 | पहला पन्ना मुसावी ने नहीं माने आरोप03 जनवरी, 2002 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||