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एमनेस्टी का अमरीका पर आरोप | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दावा किया है कि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए जिबूटी में संदिग्ध आतंकवादियों के लिए गुप्त हिरासत केंद्र चला रही है. संगठन ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में यह आरोप लगाया है. एमनेस्टी का कहना है कि उसका तीन यमनी नागरिकों के साथ बातचीत उनकी इस धारणा का आधार है. संगठन का कहना है कि इन यमनी नागरिकों को लगता है कि उन्हें जिबूटी, अफ़ग़ानिस्तान और पूर्वी यूरोप की कम से कम चार गुप्त जेलों में रखा गया था. हालाँकि एननेस्टी का ये भी मानना है कि इन नागरिकों ने जो सबूत उपलब्ध कराए, वे पर्याप्त नहीं थे. लेकिन इनसे ये ज़रूर लगता है कि उन्हें चार गुप्त जेलों में रखा गया था. बातचीत इनमें से एक यमनी नागरिक ने एमनेस्टी को बताया कि जिस कमरे में अमरीकी अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे थे, उस कमरे में जिबूटी के राष्ट्रपति की तस्वीर टंगी हुई थी. तीनों यमनी नागरिकों का ये भी कहना था कि उन्हें कुछ समय के लिए अफ़ग़ानिस्तान भी ले जाया गया था और उन्हें ये जानकारी अन्य क़ैदियों से बातचीत करके मिली थी. एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि उसके पास ऐसी क़रीब एक हज़ार उड़ानों के रिकॉर्ड हैं, जिनका इस्तेमाल सीआईए ने संदिग्ध व्यक्तियों को बिना प्रत्यर्पण के कई देशों में ले जाने के लिए किया. संगठन ने दुनियाभर के देशों से अपील की है कि वे इस तरह की व्यवस्था में अपने को शामिल न करें और इसे रोकने के लिए क़दम उठाएँ. अमरीकी पहले भी कई बार इन आरोपों को यह कहकर ठुकरा चुका है कि वह संदिग्ध आतंकवादियों को बाहर के देशों में नहीं भेजता. | इससे जुड़ी ख़बरें हिरासत केंद्र पर अमरीका से स्पष्टीकरण23 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'अमरीकी हिरासत में सौ की मौत'22 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना बंदियों के साथ दुर्व्यवहार का नया मामला15 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'ग्वांतानामो क़ैदियों के लिए अदालतें'17 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना ग्वांतानामो के नौ बंदियों ने अपील की03 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना सैकड़ों इराक़ी अमरीका की हिरासत में21 दिसंबर, 2003 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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