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बहरीन के नाव का 'लाइसेंस नहीं था' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अधिकारियों ने कहा है कि बहरीन के तट पर डूबी नाव के पास यात्रियों को सैरसपाटे के लिए घुमाने का लाइसेंस नहीं था. इस नाव के डूब जाने से 57 लोगों की मौत हो गई थी जिसमें 21 भारतीय नागरिक शामिल हैं. 68 लोगों की जान बचा ली गई. बहरीन के गृहमंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि नाव का रजिस्ट्रेशन सिर्फ़ मछली मारने की नौका के रुप में हुआ था और इसमें सिर्फ़ रेस्तराँ चलाने की अनुमति दी गई थी. उनका कहना है कि इस नाव का उपयोग यात्रियों के सैर सपाटे के लिए करने के लिए लाइसेंस का आवेदन किया गया था लेकिन अभी उसे स्वीकृति नहीं मिली थी. नाव के मालिक ने इस दुर्घटना के लिए टूर संचालक कंपनी को दोषी ठहराया है. उनका आरोप है कि उसने नाव में क्षमता से अधिक लोगों को सवार कर दिया था. दूसरी ओर टूर कंपनी का कहना है कि इस नाव को कर्मचारियों की एक पार्टी के लिए किराए पर लिया गया था और इसमें कंपनी का कोई दोष नहीं है. उधर नाव के कप्तान को गिरफ़्तार कर लिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि कप्तान अपने पद के योग्य नहीं था और उन्होंने कप्तान और उसके सहायक को हिरासत में ले लिया है. बहरीन के अधिकारियों का कहना है कि अभी यह कहना मुश्किल होगा कि नाव के डूबने की क्या वजह थी. शुक्रवार को हुई इस दुर्घटना में 16 देशों के नागरिक मारे गए हैं जिनमें 21 भारतीय और 13 ब्रितानी शामिल हैं. इसके अलावा 68 लोगों को बचा लिया गया जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है. नाव पर लगभग 160 लोग सवार थे जबकि नाव की क्षमता सिर्फ़ 100 लोगों की थी. जिनकी मौत हुई
जिन्हें बचा लिया गया
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