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मिस्र में जहाज़ डूबा, ज़्यादातर यात्री लापता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मिस्र के एक यात्री जहाज़ के लाल सागर में डूबने के बाद करीब 300 यात्रियों को बचा लिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक़ 185 शव भी निकाले गए हैं. बचाव कार्य जारी है लेकिन जहाज़ के 1400 से ज़्यादा यात्रियों में से अधिकांश लापता हैं. जहाज़ के मालिक के प्रवक्ता ने एएफ़पी एजेंसी से कहा, "हमें कई लोग मिले जो जीवित थे और हमने उन लोगों को अपने जहाज़ पर बिठाया, ये जहाज़ बचाव कार्य के लिए भेजा गया था." जहाज़ पर सवार लोगों के रिश्तेदार सफ़ागा बंदरगाह पर इकट्ठा हैं और वहाँ पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं. अपने रिश्तेदार के बारे में जानने के लिए सफ़ागा आए अहमद अब्दुल हामिद ने एपी को बताया," क्या हो रहा है.. हमें ये बताने वाला कोई नहीं है" सैनिक पोतों और हेलीकॉप्टरों को भी राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है, लेकिन ख़राब मौसम के कारण राहत और बचाव कार्य में बाधा पड़ी है. मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने जहाज़ दुर्घटना की जाँच के आदेश दिए हैं. कारण अल-सलाम बोकाचियो '98 नामक जहाज़ गुरूवार को सऊदी अरब के दबा नाम के बंदरगाह से दक्षिणी मिस्र के सफ़ागा बंदरगाह के सफ़र में था.
इस दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है लेकिन ऐसी ख़बरें हैं कि जब 35 साल पुराना जहाज़ डूबा तब बहुत तेज़ हवाएँ चल रही थीं. मिस्र के परिवहन मंत्री ने बीबीसी को बताया कि इतनी जल्दी ये बताना मुश्किल होगा कि दुर्घटना के पीछे क्या कारण रहा. मिस्र का जहाज़ अल सलाम अंतिम बार डूबा के तट से 100 किलोमीटर की दूरी पर देखा गया था, जब उसका रडार संपर्क टूट गया. कोई आपदा संदेश नहीं मिस्री अधिकारियों के अनुसार डूबे जहाज़ से कोई आपदा संदेश नहीं मिला था.
जहाज़ पर सवार ज़्यादातर लोग सऊदी अरब में काम करने वाले मिस्री नागरिक थे लेकिन कुछ लोग मक्का से हज करके अपने देश भी लौट रहे थे. जहाज़ मिस्र की एक निजी कंपनी अल सलाम मेरीटाइम ट्रांसपोर्ट का था. कंपनी के अनुसार जहाज़ पर सऊदी अरब और सूडान के भी 100 के क़रीब यात्री सवार थे. कंपनी के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि जहाज़ के 300 से 400 यात्रियों को जीवित बचा लिया गया है. ब्रिटेन ने भी एक युद्धपोत राहत और बचाव कार्य में भाग लेने के लिए रवाना किया था लेकिन जब मिस्री अधिकारियों ने जब कहा कि इसकी कोई ज़रूरत नहीं है तो पोत को वापस बुला लिया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें लाल सागर में मिस्र का यात्री जहाज़ डूबा03 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना फिर सक्रिय हुए समुद्री लुटेरे08 मई, 2002 | पहला पन्ना क्यों होती हैं नौका दुर्घटनाएँ?04 मई, 2002 | पहला पन्ना डूबते जहाज़ से प्रदूषण | भारत और पड़ोस टाइटैनिक का झरोखा16 मई, 2003 | पहला पन्ना 'मिल गया डार्विन का जहाज़'27 फ़रवरी, 2004 | विज्ञान भारतीय जलसीमा से दूर रहेगा क्लेमांसु16 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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