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लाल सागर में मिस्र का यात्री जहाज़ डूबा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मिस्र का एक जहाज़ लाल सागर में डूब गया, इस जहाज़ पर 1400 लोग सवार थे. मिस्र के अधिकारियों ने बताया है कि अब तक 15 लाशें पानी से बाहर निकाली जा चुकी हैं. डूबे या बचाए गए लोगों की संख्या के बारे में अभी तक को पक्की जानकारी नहीं मिल सकी है. सऊदी अरब के दबा नाम के बंदरगाह से चला यह जहाज़ दक्षिणी मिस्र के सफ़ागा की ओर जा रहा था. मिस्र का जहाज़ अल सलाम अंतिम बार डूबा के तट से 100 किलोमीटर की दूरी पर देखा गया था. बचाव और राहत कार्य के लिए हेलिकॉप्टरों और दूसरे जहाज़ों को लगाया गया है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ख़राब मौसम के कारण कठिनाइयाँ आ रही हैं.
जहाज़ पर सवार ज़्यादातर लोग सऊदी अरब में काम करने वाले मिस्री नागरिक थे लेकिन कुछ लोग मक्का से हज करके अपने देश भी लौट रहे थे. यह मिस्र की एक निजी कंपनी अल सलाम मेरीटाइम ट्रांसपोर्ट का जहाज़ था. कंपनी के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अदेल अल शुक्री ने कहा कि जहाज़ ने मदद के लिए कोई गुहार नहीं लगाई थी. कुछ लोगों ने आशंका व्यक्त की है कि जहाज़ क्षमता से अधिक वज़न लादने के कारण डूबा होगा लेकिन जहाज़रानी विशेषज्ञ पॉल बेवर का कहना है कि जहाज़ की क्षमता काफ़ी अधिक थी इसलिए ऐसी आशंका सही नहीं है. इसी कंपनी का एक ठीक ऐसा ही जहाज़ लाल सागर में अक्तूबर में एक अन्य जहाज़ से टकराने के बाद डूब गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें फिर सक्रिय हुए समुद्री लुटेरे08 मई, 2002 | पहला पन्ना क्यों होती हैं नौका दुर्घटनाएँ?04 मई, 2002 | पहला पन्ना डूबते जहाज़ से प्रदूषण | भारत और पड़ोस टाइटैनिक का झरोखा16 मई, 2003 | पहला पन्ना 'मिल गया डार्विन का जहाज़'27 फ़रवरी, 2004 | विज्ञान भारतीय जलसीमा से दूर रहेगा क्लेमांसु16 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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