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'हिंसा का असर सरकार गठन पर नहीं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के प्रधानमंत्री इब्राहीम जाफ़री ने कहा है कि इराक़ में हो रही जातीय हिंसा को नई सरकार के गठन में रोड़ा नहीं बनने दिया जाएगा. पिछले हफ़्ते अल अस्करी मज़ार पर हुए हमले के बाद भड़की जातीय हिंसा में इराक़ में करीब 400 लोग मारे जा चुके हैं. अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि इराक़ी लोगों को ‘अराजकता या एकजुटता’ में से किसी एक को चुनना होगा. इराक़ सरकार ने मंगलवार दोपहर तक मरने वालों की संख्या 379 बताई थी जिसके बाद बग़दाद में शिया मस्जिद पर हमले में 23 लोगों के मारे जाने की ख़बर आई. मृतकों की संख्या संवाददाताओं का कहना है कि एक हफ़्ते के दौरान मारे गए लोगों की संख्या जारी करना इराक़ी सरकार के लिए चुनौती की बात है. वाशिंगटन पोस्ट अख़बार में मृतकों की संख्या 1300 बताए गई थी जिसके बाद सरकार ने प्रतिक्रिया स्वरूप कहा कि हिंसा का असर सरकार गठन पर नहीं पड़ने दिया जाएगा. इराक़ी अधिकारी इतने लोगों के मारे जाने की बात से इनकार करते हैं. कैबिनेट के एक बयान में कहा गया है कि एक विदेशी अख़बार में जो संख्या थी वो ग़लत है. हिंसा बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इराक़ में चल रही हिंसा का मक़सद ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को मारना और घायल करना है.
इराक़ की राजधानी बग़दाद में मंगलवार को ही कम से कम 60 लोगों की मौत हुई जबकि अलग अलग घटनाओं में 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए. ये हिंसा बग़दाद में मंगलवार को दिन का कर्फ़्यू हटाए जाने के बाद हुई. अन्य घटनाओं में इराक़ में दो ब्रितानी सैनिक भी मारे गए. इराक़ के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुवाफ़्क रुबाई ने मंगलवार को घोषणा की है कि अल अस्करी मज़ार पर हुए हमले के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. राजनीतिक तनाव इराक़ के प्रधानमंत्री इब्राहीम जाफ़री ने अपने तुर्की दौरे में कहा है कि ‘सरकार गठन की कोशिशों पर हिंसक घटनाओं का असर नहीं पड़ेगा.’ वहीं इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालबानी ने इब्राहिम जाफ़री की विदेश यात्रा की आलोचना की है. जलाल तालबानी ने कहा है कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री होने के नाते इब्राहीम जाफ़री को ‘दूसरे देशों के साथ बातचीत करने का हक़ नहीं है.’ इराक़ी राष्ट्रपति कुर्द समुदाय से हैं जबकि प्रधानमंत्री शिया समुदाय से. जलाल तालबानी ने कहा कि तुर्की दौरा इब्राहीम जाफ़री की इस बात से मेल नहीं खाता कि वे मिल जुल कर काम करने के प्रति वचनबद्ध हैं. तुर्की गए प्रतिनिधिमंडल में शामिल एक इराक़ी मंत्री ने बताया कि ‘कुछ समस्याएँ’ हैं लेकिन जल्दबाज़ी में सरकार बनाने के बजाय मज़बूत और संगठित सरकार का होना बेहतर होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें बग़दाद में बम धमाकों में 60 की मौत28 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना बग़दाद में तीन धमाके, 30 मारे गए28 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना कर्फ़्यू के बावजूद इराक़ में हिंसा जारी25 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में तनाव और कर्फ़्यू24 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में हिंसा में 130 लोग मारे गए23 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना बसरा में 11 सुन्नी क़ैदियों की हत्या23 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना अल हादी और अल अस्करी मज़ार22 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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