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सवाल जवाब: क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की अबू ग़रेब जेल में इराक़ी बंदियों के साथ दुर्व्यवहार का मामला अप्रैल 2004 में सामने आया. नौ अमरीकी सैनिक दुर्व्यवहार से जुड़े अपराधों के लिए दोषी पाए जा चुके हैं लेकिन एक अधिकारी के अलावा प्रत्येक उच्च स्तरीय अधिकारी को किसी भी ग़लत काम का दोषी नहीं पाया गया है. ये आरोप कब सामने आए? ये मामला तब सामने आया जब अमरीकी टेलीविज़न नेटवर्क सीबीएस ने 28 अप्रैल 2004 को कुछ चित्र प्रसारित किए जिसमें अमरीकी सैनिकों को बग़दाद के पास स्थित अबू ग़रेब जेल में बंद इराक़ी क़ैदियों के साथ अनेक प्रकार के दुर्व्यवहार करते दिखाया गया था. इन तस्वीरों को बीबीसी समेत अन्य समाचार संगठनों ने भी प्रसारित और प्रकाशित किया. अमरीकी सरकार ने इन तस्वीरों की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठाया. बल्कि प्रतिरक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने माना कि ऐसी और भी तस्वीरें हैं और उनके प्रकाशन का अंदेशा है. अमरीका ने क्या क़दम उठाए? अमरीका ने दस जांच बैठाईं और कई संसदीय सुनवाइयाँ हुईं. तस्वीरों के प्रसारण के तुरंत बाद मेजर जनरल एंटोनियो तगूबा की एक आंतरिक रिपोर्ट ने पाया कि जेल में आदेशों का सही ढंग से पालन नहीं हुआ. पूर्व प्रतिरक्षा मंत्री जेम्स श्लैज़िंगर ने अगस्त 2004 में एक स्वतंत्र जांच रिपोर्ट दी जिसमें कहा गया कि जनरल रिकार्डो सांचेज़ अपने अधीन काम करने वालों पर नज़र नहीं रख पाए कि वे अबू ग़रेब जेल में जारी समस्याओं से निपट पा रहे हैं या नहीं. सेना की एक अन्य जांच में पाया गया कि जनरल सांचेज़ ने बंदियों से पूछताछ करने के तरीक़ों की जो सूची मंज़ूर की थी वह भी दुर्व्यवहार की एक वजह हो सकती है. वरिष्ठ अधिकारियों की क्या भूमिका थी? उच्च स्तरीय अमरीकी अधिकारियों को दंडित करने का काम सेना के इंस्पैक्टर जनरल लेफ़्टिनैन्ट जनरल स्टैन्ली ई ग्रीन पर छोड़ दिया गया. पाँच वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच हुई लेकिन जनरल जैनिस कारपिंस्की के अलावा सभी आरोप मुक्त हो गए. उनकी पदावनति कर दी गई और उन्हे एक लिखित फटकार भी मिली. वो कहती हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों की ग़लतियों के लिए उन्हें 'बलि का बकरा' बनाया गया. कौन ज़िम्मेदार पाया गया? अबू ग़रेब जेल में इराक़ी बंदियों के साथ हुए दुर्व्यवहार के लिए अब तक नौ अमरीकी सैनिक दोषी साबित हो चुके हैं. इनमें पहले थे 24 वर्षीय जेरेमी सिवित्स जिन्होने बंदियों की तस्वीरें खींचना स्वीकार किया साथ ही दुर्व्यवहार और षड़यंत्र में शामिल होना स्वीकार किया. उन्हे एक साल की सज़ा हुई. स्पेशलिस्ट चार्ल्स ग्रेनर जूनियर, जिन्हें इस षड़यंत्र का नेता समझा जाता है उन्हे दस साल की सज़ा हुई और पद से हटा दिया गया. वो अब भी यही कहते हैं कि वो सेना के ख़ुफ़िया अधिकारियों के आदेशों का पालन कर रहे थे. प्राइवेट लिंडी इंगलैंड जिनका चेहरा इन तस्वीरों में बार बार दिखाई दिया उन्हे दुर्व्यवहार का दोषी पाया गया. उन्हें दस साल की सज़ा दी गई. | इससे जुड़ी ख़बरें अबू ग़रेब जेल को तोड़ा जाएगा24 मई, 2004 | पहला पन्ना 'अबू ग़रेब जेल में अराजकता थी'24 अगस्त, 2004 | पहला पन्ना अबू ग़रेब मामले में दस साल की जेल16 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना अबू ग़रेब मामले में दूसरी सज़ा18 मई, 2005 | पहला पन्ना अब़ू ग़रैब में दुर्व्यहार का एक और मामला20 अगस्त, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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