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चीन में सेंसरशिप को लेकर छिड़ी बहस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के कुछ पूर्व अधिकारियों ने देश में बढ़ रही सेंसरशिप के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई है. एक पत्र लिखकर इन अधिकारियों ने तो यहाँ तक कहा है कि चीन में सेंसरशिप पूरी तरह ख़त्म कर दी जानी चाहिए. कम्युनिस्ट पार्टी के इन अधिकारियों का कहना है कि सेंसरशिप की बढ़ती प्रवृत्ति से देश की राजनीतिक सुधारों की प्रक्रिया को झटका लगेगा. चीन में सेंसरशिप को लेकर शुरू हुए इस विवाद के केंद्र में है एक साप्ताहिक जिसका नाम है- 'फ़्रीज़िंग प्वाइंट'. बीबीसी की पूर्वी एशिया संवाददाता क्लेर हार्की का कहना है कि चीन में सबसे ज़्यादा बिकने वाले अख़बार चाइना यूथ डेली के साथ ये साप्ताहिक बिकता है. सरकारी भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अपनी खोजी रिपोर्टों के लिए यह पत्रिका काफ़ी चर्चित रही है. ताज़ा विवाद जुड़ा है पत्रिका में छपे एक लेख से. लेखक का कहना था कि चीन की क़िताबों में कई ऐसी बातें पढ़ाई जा रही हैं जो इतिहास की दृष्टि से ग़लत हैं. बस, इसी के बाद 'फ़्रीज़िंग प्वाइंट' का प्रकाशन बंद करा दिया गया. सिलसिला इससे पहले गाँवों में भ्रष्टाचार की रिपोर्ट उजागर करने वाले बीजिंग न्यूज़ के संपादक को भी पद छोड़ना पड़ा था. बीज़िग से बीबीसी संवाददाता रूपर्ट विंगफ़ील्ड हेज़ कहते हैं कि इस बार बड़ी बात ये है कि ये चिट्ठी लिखी किसने है. चिट्ठी लिखने वाले लोगों में शामिल हैं चीन के पूर्व शीर्ष नेता माओत्से तुंग के पूर्व सचिव और उनके साथ इस चिट्ठी में हस्ताक्षर किए हैं पीपल्स डेली समाचार पत्र के पूर्व संपादक ने और कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व प्रचार प्रमुख ने. अब ये देखना दिलचस्प होगा कि चीन की सरकार इस मामले पर क्या क़दम उठाती है. लेकिन एक बात स्पष्ट है कि चीन में जहाँ आर्थिक क्षेत्र में दिन दूनी रात चौगुनी प्रगति हो रही है वहीं राजनीतिक सुधारों की चाल कछुए सी ही है. | इससे जुड़ी ख़बरें हॉन्गकॉन्ग में लोकतंत्र के लिए प्रदर्शन04 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'अभी भी जारी है चीन में प्रताड़ना'02 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना चीनी नदी में सौ टन ज़हरीला रसायन25 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना जिंताओ ने बुश को कुछ भरोसे दिलाए20 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना यौन उत्पीड़न के ख़िलाफ़ चीन में क़ानून28 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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