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शुक्रवार, 02 दिसंबर, 2005 को 13:37 GMT तक के समाचार
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'अभी भी जारी है चीन में प्रताड़ना'
संयुक्त राष्ट्र के विशेष जाँचकर्ता नोवाक
नोवाक तिब्बत और मुसलिम बहुल शिनजियाँग क्षेत्र का दौरा किया
संयुक्त राष्ट्र के एक विशेष जाँचकर्ता ने कहा है कि चीन में अनेक जगह अब भी बंदियों को यातनाएँ दी जाती हैं चाहे शहरी इलाक़ों में ऐसी घटनाओं में कुछ कमी आई है.

संयुक्त राष्ट्र के जाँचकर्ता मैनफ़्रैड नोवाक ने चीन में कई हिरासत केंद्रों पर जाने के बाद ऐसा कहा है.

उन्होंने तिब्बत और मुसलिम बहुल शिनजियाँग क्षेत्र का दौरा किया.

नोवाक ने आरोप लगाया कि कई जगह जब उन्होंने बंदियों से बात की तो बंदियों की बातों को रिकॉर्ड किया जा रहा था जबकि कई अन्य बंदियों को बलपूर्व उनसे मिलने से रोका गया.

उनका कहना था कि ख़ास तौर पर श्रम केंद्रों में बंदियों को मनोवैज्ञानिक तरीक़ से यातनाएँ दी जाती हैं ताकि उनका व्यक्तित्व ही बदल दिया जाए.

नोवाक ने आरोप लगाया कि बंदियों पर दोष स्वीकार करने और सबूत एकत्र करने के लिए भीषण दबाव डाला जाता है और जब तक स्वतंत्र न्यायपालिका नहीं होगी तब तक इसकों रोकना संभव नहीं होगा.

महत्वपूर्ण है कि चीन ने औपचारिक तौर पर हिरासत में यातनाएँ देना 1996 में ग़ैर-क़ानूनी घोषित किया था.

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