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बर्ड फ़्लू से निपटने के लिए मदद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बर्ड फ़्लू के ख़तरों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने 1.9 अरब डॉलर देने का वायदा किया है. यह राशि अपेक्षा से कहीं ज़्यादा है. उल्लेखनीय है कि विश्व बैंक ने दाता देशों से 1.5 अरब डॉलर की माँग रखी थी. बीजिंग में हुई एक बैठक में अमरीका ने कहा है कि वह बर्ड फ़्लू से लड़ने के लिए 33 करोड़ डॉलर देगा, जबकि यूरोपीय संघ ने 25 करोड़ डॉलर के योगदान की घोषणा की है. इस बैठक में दुनिया के आधे से ज़्यादा राष्ट्रों की भागीदारी रही है. दाता देशों द्वारा दी जाने वाले धन का अधिकांश हिस्सा स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं पर ख़र्च किया जाना है ताकि बर्ड फ़्लू के ख़तरनाक एच5एन1 वायरस मनुष्यों में न फैल सकें. ख़तरा दुनिया भर में बर्ड फ़्लू से 80 लोगों की मौत हो चुकी है. पिछले तीन वर्षों में हुई इन मौतों में से अधिकांश एशियाई देशों में हुई हैं. इस बीच संयुक्त राष्ट्र के बर्ड फ़्लू मामलों के समन्वयक अधिकारी डेविड नेबैरो ने कहा है कि दुनिया बर्ड फ़्लू के मनुष्यों में प्रसार के ख़तरे से निबटने को तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि पशु स्वास्थ्य सेवाएँ इतनी सक्षम नहीं हैं कि बर्ड फ़्लू के मामलों पर पूरी नज़र रखी जा सके. विश्व बैंक ने चेतावनी दी है कि मनुष्यों में बर्ड फ़्लू की महामारी फैलने की स्थिति में पहले ही साल दुनिया कि अर्थव्यवस्था को 800 अरब डॉलर का नुकसान होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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