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ईरान के बारे में बारादेई का शक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु ऊर्जा एजेंसी आईएईए के अध्यक्ष मोहम्मद अल बारादेई ने कहा है कि वह यह पुष्टि नहीं कर सकते कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है. अल बारादेई ने कहा है कि उन्हें और उनके दल को ईरान में दस्तावे, स्थानों और लोगों तक और ज़्यादा पहुँच चाहिए ताकि वे इस बारे में आश्वस्त हो जाएँ कि उन्होंने आवश्यकतानुसार सबकुछ देख-परख लिया. उन्होंने कहा कि वह इस संभावना को ख़ारिज नहीं कर सकते हैं कि ईरान का कोई गुप्त परमाणु हथियार कार्यक्रम है. ग़ौरतलब है कि ईरान के राष्ट्रपति मोहम्मद अहमदीनेजाद ने आगाह किया है कि अगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे को लेकर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाते हैं तो इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की क़ीमतों पर असर पड़ सकता है. उधर सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्यों के प्रतिनिधि आज लंदन में बैठक करेंगे और ईरान ने जो अपना परमाणु कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है उस बारे में कोई फ़ैसला लेंगे. ब्रिटेन, अमरीका, फ्रांस, रूस और चीन के प्रतिनिधि इन संभावनाओं पर विचार करेंगे कि क्या ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सौंप दिया जाए और ईरान आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करे. अमरीका में दोनों ही राजनीतिक दलों के नेताओं ने कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल करने पर विचार करना चाहिए. अमरीका में रिपब्लिकन सीनेटर जॉन मैक्केन ने कहा है कि सैन्य बल प्रयोग अंतिम विकल्प हो सकता है लेकिन इसे सिरे से ख़ारिज करना मूर्खता होगी. उधर सऊदी अरब ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम मुद्दे पर संकट के लिए पश्चिमी देशों को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि उन्होंने ही इसराइल को परमाणु हथियार विकसित करने की छूट दी है. सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस सऊद अल फ़ैसल ने यह भी उम्मीद जताई है कि ईरान मध्य पूर्व क्षेत्र में परमाणु हथियार दौड़ शुरू नहीं करेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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