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तुर्की में एच5एन1 वायरस की पुष्टि | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि तुर्की में जिन दो बच्चों का बर्ड फ्लू के लिए इलाज हो रहा था उनमें ख़तरनाक वायरस एच5एन1 वायरस होने की पुष्टि हुई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक प्रवक्ता ने कहा कि इन बच्चों की उम्र पाँच और आठ साल है. तुर्की में बीते सप्ताह बर्ड फ्लू से तीन बच्चों की मौत हुई थी और उनमें से कम से कम दो में ख़तरनाक एच5एन1 वायरस पाया गया था. 14 वर्षीय महमूद अली कोसीगित और उसकी दो बहनों-15 वर्षीय फ़ातमा और 11 वर्षीय हुलया की मौत हो गई थी. ब्रिटेन में कराए गए परीक्षणों से पता चला है कि महमूद अली और फ़ातमा की मौत ख़तरनाक एच5एन1 नामक वायरस से हुई थी. यह वायरस दक्षिण पूर्वी एशिया और चीन में 70 से ज़्यादा लोगों की जान ले चुका है. इसके बावजूद अभी ऐसे कोई संकेत नहीं हैं कि यह बीमारी मानव से मानव फैलने लगी हो. तुर्की के अधिकारियों ने कहा है कि वायरस से संक्रमित मुर्गे-मुर्गिया, बत्तखें और अन्य पक्षियों को मारने में लगे हुए हैं और क़रीब 12 हज़ार संक्रमित पक्षियों को मार भी दिया गया है. प्रभावित इलाक़े में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लोगों में डर और ग़ुस्से की मिली-जुली प्रतिक्रिया हो रही है. बहुत से लोग संक्रमित पक्षियों को ख़ुद ही बिना किसी संरक्षात्मक उपायों के इकट्ठा कर रहे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारी प्रभावित इलाक़ों में पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन कड़ाके की सर्दी की वजह से उन्हें मुश्किलें आ रही हैं. वान शहर में 20 लोगों का बर्ड फ्लू के संक्रमण के लिए अस्पताल में इलाज चल रहा है विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रवक्ता मारिया छेंग ने समाचार एजेंसी एपी से कहा कि बर्ड फ्लू का पूर्वी एशिया से बाहर फैलना एक चिंता की बात है. प्रवक्ता ने कहा, "फिलहाल तुर्की में कुछ नए मामले सामने आ रहे हैं, इनसे विश्व स्तर पर इसके ख़तरे का आकलन और नहीं बढ़ रहा है. इसलिए पहले जैसा ही सतर्कता स्तर है लेकिन यह एक ऐसा मामला है जिस पर कड़ी निगरानी की ज़रूरत है." | इससे जुड़ी ख़बरें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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