| रूस से पक्षियों के आयात पर रोक लगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय संघ ने बर्ड फ्लू के ख़तरे को देखते हुए रूस से पालतू पक्षियों और उनके पंख से बने सामान के आयात पर रोक लगा दी है. रूस ने देश के पश्चिमी हिस्से में बीमारी फैलने की पुष्टि की है जिसके बाद यह क़दम उठाया गया है. गुरुवार को यूरोपीय संघ के 25 सदस्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की लंदन में दो दिन की बैठक के बाद यह घोषणा की गई है. रोमानिया, चीन, तुर्की और थाइलैंड ने पहले ही बर्ड फ्लू की पुष्टि कर दी है जिससे बीमारी के यूरोप में फैलने की आशंका ज़ोर पकड़ती जा रही है. इस बीच, थाइलैंड में एक व्यक्ति की बर्ड फ़्लू बीमारी से मौत हो गई है. थाइलैंड के प्रधानमंत्री थक्सिन शिनावात्रा ने पुष्टि की है कि वहाँ इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 13 हो गई है. ये ख़बर उस समय आई है जब मध्य थाइलैंड में अधिकारियों राजधानी बैंकॉक से 90 किलोमीटर दूर पक्षियों में ख़तरनाक माने जाने वाले एच-5-एन-1 वायरस के पाए जाने की पुष्टि की थी. थाइलैंड के प्रधानमंत्री शिनावात्रा के अनुसार जिस व्यक्ति की मौत हुई वह एक किसान था जिसने मुर्गी का माँस पकाया और खाया था. इस व्यक्ति का सात वर्ष का बेटा में भी फ़्लू के लक्षण दिखे हैं और वह अस्पताल में है. उधर चीन के मंगोलिया क्षेत्र में 90 हज़ार पक्षियों को मार दिया गया है. बुधवार चीन ने जानकारी दी थी कि मंगोलिया के क्षेत्र में बर्ड फ़्लू के कारण 2600 पक्षी मर गए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्थिति को चिंताजनक बताया है. जर्मनी ने भी बर्ड फ़्लू के संदर्भ में अपने किसानों को हिदायतें जारी की हैं. |
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