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यूरोपीय संघ में बर्ड फ्लू की घंटी
मुर्ग़ा
बर्ड फ्लू का वायरस मुर्ग़ों में भी पाया गया है
यूरोपीय संघ के देशों से अनुरोध किया गया है कि वे बर्ड फ्लू के विषाणु का मुक़ाबला करने वाली दवाइयों का भंडार इकट्ठा कर लें क्योंकि तुर्की में जिस विषाणु की पुष्टि हुई है वो एच5एन1 है जो इनसानों के लिए भी ख़तरनाक है.

यूरोपीय संघ के स्वास्थ्य आयुक्त मारकोस किप्रियानू ने कहा है कि संघ के देशों को फ्लू की संभावित बीमारी का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए.

तुर्की के उत्तरी हिस्से - किज़िक्सा में मरे हुए पक्षियों पर किए गए परीक्षण से पता चला है कि उनमें एच5एन1 वायरस था जिसके बाद यह चेतावनी जारी की गई है.

यूरोपीय संघ ने कहा है कि रोमानिया में भी इसी तरह की पुष्टि हो चुकी है.

ग़ौरतलब है कि बर्ड फ्लू के वायरस एच5एन1 से 2003 से एशिया में 60 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है.

हालाँकि उनमें से सिर्फ़ एक व्यक्ति ऐसा था जिसके बारे में संदेह है कि उसे संक्रमण अन्य मरीज़ से हुआ था.

चेतावनी दी गई है कि जो लोग ऐसे इलाक़े में रह रहे हैं जहाँ पक्षी या तो मरे हुए पड़े हों या फिर मर रहे हों तो उन्हें संक्रमण का ज़्यादा ख़तरा है हालाँकि व्यक्ति से व्यक्ति को संक्रमण की संभावना काफ़ी कम बताई गई है.

'बहुत आक्रामक'

मारकोस किप्रियानू ने एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि जो लोग ख़तरे के दायरे में समझे जाते हैं उन्हें मौसमी फ्लू की दवाई दे देनी चाहिए और फ्लू के विषाणु विरोधी दवाई का भंडार इकट्ठा करना चाहिए.

बर्ड फ्लू का ख़तरा

उन्होंने कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि सभी सदस्य देशों की सरकारों की यह ज़िम्मेदारी हो जाती है और वे इस बीमारी का मुक़ाबला करने के लिए पहले से तैयारी कर लें."

मार्कोस किप्रियानू ने पुष्टि की कि तुर्की में जो वायरस पाया गया है वह ख़तरनाक स्ट्रेन वायरस है और रूस, मंगोलिया और चीन में पाए जाने वाले वायरस में एक सीधा संबंध पाया जाता है.

उन्होंने कहा, "यह बहुत ही आक्रामक वायरस है और यूरोपीय संघ के देशों में हमें इसका मुक़ाबला करना ही है."

यूरोपीय संघ ने रोमानिया में इस वायरस की पुष्टि होने के बाद वहाँ पक्षियों और चिकन-बत्तख़ वग़ैरा के खाने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है.

यूरोपीय संघ ने तुर्की में वायरस का पता चलने के बाद से ज़िंदा पक्षियों के आयात पर भी रोक लगा दी है और यह पाबंदी अप्रैल 2006 तक जारी रहेगी.

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