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स्ट्रॉ इराक़ सरकार के गठन के लिए जुटे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ इराक़ी नेताओं को राष्ट्रीय एकता वाली एक नई सरकार जल्द से जल्द बनाने पर तैयार करने के लिए उनके साथ शनिवार को बातचीत कर रहे हैं. इराक़ में नई पूर्णकालिक सरकार के लिए 15 दिसंबर को मतदान हुआ था और आरंभिक नतीजों में सत्तारुढ़ शिया गठबंधन को बढ़त मिली थी. सुन्नी अरब दलों ने शिकायत की हैं कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है और मतदाताओं को डराया-धमकाया गया. उनके आरोपों की जाँच अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक कर रहे हैं. जैक स्ट्रॉ ने शुक्रवार को इराक़ के दक्षिणी शहर बसरा में संभावना व्यक्त की थी कि दक्षिणी हिस्से से कुछ ब्रितानी सैनिक कुछ ही महीनों के अंदर हटना शुरू कर सकते हैं. जैक स्ट्रॉ के साथ मौजूद एक बीबीसी संवाददाता ब्रिजेट केंडाल का कहना है कि विदेश मंत्री का मक़सद इराक़ी नेताओं को एक ऐसी सरकार बनाने के लिए राज़ी करना है जो राष्ट्रीय एकता वाली हो. इसके लिए जैक स्ट्रॉ शनिवार को शिया और कुर्द समुदायों के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ सुन्नी नेताओं से भी बात कर रहे हैं. ब्रितानी सरकार का मानना है कि इराक़ एक नए युग की तरफ़ बढ़ रहा है जिससे आज़ादी के माहौल का नया दौर शुरू होगा और ब्रितानी और अन्य देशों के सैनिकों की वापसी का रास्ता भी साफ़ होगा. लेकिन माहौल में कुछ निराशा भी है. जनवरी 2005 में जब चुनाव हुए थे तो उसके बाद सरकार के गठन में कई महीने का समय लगा था. बीबीसी संवाददाता के अनुसार सरकार बनाने में देरी से शिया और सुन्नी समुदायों में फ़ासला और बढ़ सकता है जिससे देश की एकता के लिए भी ख़तरा पैदा हो सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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