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इराक़ धमाके में 120 से ज़्यादा की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अधिकारियों के मुताबिक़ इराक़ में दो अलग अलग शहरों में हुए धमाकों में 120 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. पहला धमाका इराक़ के शहर करबला में हुआ. इस आत्मघाती हमले में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं जबकि 50 घायल हुए हैं. जबकि दूसरा आत्मघाती हमला रमादी शहर में हुआ है. अधिकारियों का कहना है कि वहाँ कम से कम 70 लोगों की जानें गईं हैं. करबला में हमला शिया धार्मिक स्थल, इमाम हुसैन के मज़ार के पास हुआ. करबला इराक़ की राजधानी बग़दाद से करीब 80 किलोमीटर दूर है. इराक़ी टेलीविज़न पर दिखाई गई तस्वीरों में धार्मिक स्थल के पास कई लोगों के अंग बिखरे हुए देखे गए. करबला में पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि ये हमला सुबह स्थानीय समयानुसार करीब दस बजे हुआ और मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है. आत्मघाती हमलावर ने इमाम हुसैन के मज़ार और पास के इमाम अब्बास के मज़ार के बीच के इलाक़े में जाकर ख़ुद को उड़ा दिया. इन दोनों मज़ारों के बीच कई छोटी बड़ी दुकाने भी हैं और बड़ी संख्या में लोग यहाँ आते हैं. हिंसा इससे पहले बुधवार को इराक़ में हुए कई हमलों में 50 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. मार्च 2004 में एक धार्मिक उत्सव के दौरान करबला पर कई आत्मघाती हमले हुए थे जिसमें 85 लोग मारे गए थे. इस हमले में शियाओं को निशाना बनाया गया था. उस घटना के बाद से गुरुवार का ये हमला करबला में सबसे बड़ा हमला है. करबला शिया मुसलमानों का पवित्र नगर माना जाता है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये हमला इराक़ में विभिन्न समुदायों के बीच मतभेद बढ़ाने और राजनीतिक प्रकिया को अस्थिर करने की कोशिश है. दिसंबर में इराक़ में संसदीय चुनाव हुए थे और उसके नतीजों का इंतज़ार किया जा रहा है. इन दिनों इराक़ में शिया, सुन्नी और कुर्द समुदायों के बीच नतीजे घोषित होने के बाद गठबंधन सरकार बनाने के बारे में बातचीत चल रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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