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गैस संकट पर यूरोपीय संघ की आपात बैठक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस और यूक्रेन के बीच उठे गैस विवाद से, यूरोप में पैदा हुए संकट पर यूरोपीय संघ के ऊर्जा विशेषज्ञों की बुधवार को आपात बैठक होगी. इसमें 25 देशों के अधिकारी इस विषय पर चर्चा करेंगे कि रविवार को रूस के यूक्रेन को गैस आपूर्ति रोकने के कारण उनके देश पर कितना असर पड़ा. सोमवार को अनेक यूरोपीय देशों ने शिकायत की कि उनके देश को गैस की आपूर्ति घट गई है. रूस ने मंगलवार से यूरोपीय देशों को गैस की आपूर्ति फिर से सामान्य स्तर तक बहाल करने की बात कही है लेकिन रूस और यूक्रेन के बीच संकट की स्थिति बरकरार है. यूरोपीय संघ के अधिकारियों की बातचीत इस समस्या को सुलझाने के लिए रूस और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद हो रही है. रूस-यूक्रेन बातचीत से पहले ही रूस के ऊर्जा मंत्री ने यूक्रेन पर यूरोप को भेजे जाने वाली गैस चुराने का आरोप लगाया. यूक्रेन ने इस आरोप को पूरी तरह ग़लत बताते हुए कहा है कि रूस ने गैस की कीमत में चार गुना तक की वृद्धि की जो माँग रखी है, इसका यूक्रेन की आर्थिक व्यव्स्था पर बहुत बुरा असर पड़ेगा. यूक्रेन का कहना है कि यदि रूस की माँग मान ली जाए तो यूक्रेन की पूरी अर्थव्यवस्था ठप्प हो जाएगी क्योंकि महँगाई की दर तीस प्रतिशत तक बढ़ जाएगी और सकल घरेलू उत्पाद में पाँच प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है. अर्थ-व्यवस्था पर असर की बात करते हुए यूक्रेन ने कहा है कि देश के दक्षिणी और पूर्वि क्षेत्रों में स्थित स्टील और रसायन उधोगों में लोग भारी संख्या में बेरोज़गार हो सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें विवादित गैस पाइप लाइन पर काम शुरू09 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना युशचेन्को ने सरकार को बर्ख़ास्त किया08 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना पुतिन ने युशचेन्को से मुलाक़ात की19 मार्च, 2005 | पहला पन्ना युशचेन्को:वित्तीय दुनिया के महारथी23 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना विक्टर युशचेन्को यूक्रेन के राष्ट्रपति बने23 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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