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मुस्लिम क्षेत्रों में रेडियोधर्मिता की जाँच | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका सरकार ने स्वीकार किया है कि वह अपने यहाँ मुस्लिम क्षेत्रों में रेडियोधर्मिता की निगरानी के लिए एक गोपनीय कार्यक्रम चलाती रही है. अमरीका की एक समाचार पत्रिका, यूएस न्यूज़ एंड वर्ल्ड रिपोर्ट, ने इस गोपनीय कार्यक्रम को उजागर किया है. अमरीका सरकार का कहना है कि ये निगरानी कार्यक्रम इसलिए चलाया गया ताकि चरमपंथी संगठन अल क़ायदा को रेडियोधर्मी या परमाणु हथियारों के प्रयोग से रोका जा सके. पूरे अमरीका के कई प्रमुख शहरों में मुस्लिम क्षेत्रों में निगरानी का ये कार्यक्रम 11 सितंबर के हमले के कुछ समय बाद शुरू किया गया. इस कार्यक्रम के तहत पिछले चार वर्षों से कुछ ख़ास मुस्लिम घरों, व्यावसायिक स्थलों और मस्जिदों के बाहर की हवा के नमूने एकत्र किए जाते रहे हैं. अमरीका के मुस्लिम नेताओं ने कार्यक्रम की निंदा की है और कहा है कि इससे फिर साबित होता है कि अमरीका सरकार मुसलमानों को केवल इसलिए निशाना बना रही है क्योंकि वे मुसलमान हैं. रिपोर्ट अमरीकी पत्रिका के अनुसार जिस समय ये निगरानी कार्यक्रम ज़ोर-शोर से चल रहा था उस समय केवल राजधानी वाशिंगटन डीसी में ही 120 मुस्लिम ठिकानों पर नज़र रखी जा रही थी. इसके अतिरिक्त कम-से-कम पाँच और अमरीकी शहरों में निगरानी की गई जिनें न्यूयॉर्क, शिकागो और डिट्रॉएट जैसे शहर शामिल हैं. पत्रिका कहती है कि इस कार्यक्रम के तहत कई बार तो ख़ुफ़िया अधिकारियों ने बिना तलाशी वारंट या अदालत के आदेश के इमारतों के भीतर प्रवेश किया. लेकिन अमरीका सरकार का कहना है कि चूँकि ये निगरानी सड़कों या पार्कों जैसे सार्वजनिक स्थलों से की गई इसलिए इसके लिए वारंट की कोई आवश्यकता नहीं थी. अमरीका के न्याय विभाग के एक प्रवक्ता का कहना है कि सरकार इस बात से बेहद चिंतित थी कि अल क़ायदा अत्यंत ख़तरनाक हथियारों को लेने की कोशिश कर रहा है जिनमें रेडियोधर्मी पदार्थ हो सकते हैं. अमरीका में पिछले एक सप्ताह में दूसरी बार बुश प्रशासन पर इस तरह की जासूसी का मामला सामने आया है. पिछले सप्ताह ही अमरीका के एक समाचारपत्र ने ये रहस्य खोला था कि अमरीका में बिना अदालती आदेश के सैकड़ों लोगों के फ़ोन टैप किए जा रहे हैं. बाद में अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने सुरक्षा का वास्ता देकर टेलीफ़ोन और ईमेल संदेशों की निगरानी को न्यायोचित बताया था. | इससे जुड़ी ख़बरें पैट्रियट क़ानून पर बुश को झटका23 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'इंटैलीजेंट डिज़ाइन' को पढ़ाने पर रोक21 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना बुश ने फ़ोन टैपिंग को सही ठहराया19 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना लोगों की जासूसी का आदेश दिया: बुश17 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना गुप्त जेलों के मामले पर राइस का भरोसा08 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना बुश पर 'जासूसी की इजाज़त' का आरोप16 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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