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निगरानी कार्यक्रम लीक होने की जाँच होगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अधिकारियों का कहना है कि अमरीका के न्याय मंत्रालय ने इस मामले की जाँच शुरु की है कि अमरीका के राष्ट्रपति बुश के गुप्त निगरानी कार्यक्रम के बारे में जानकारी बाहर कैसे गई. जाँच मुख्य तौर पर इस बात पर केंद्रित रहने की उम्मीद है कि न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार को निगरानी कार्यक्रम की जानकारी कैसे मिली. इस महीने न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा था कि अमरीका में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी बिना वारंट के लोगों पर निगरानी रखती आई है. न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक़ राष्ट्रपति बुश ने 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद बिना अदालती अनुमति के सैंकड़ो लोगों के फ़ोन और ईमेल पर नज़र रखे जाने के आदेश दिए थे. राष्ट्रपति बुश ने बाद में स्वीकार किया था कि सितंबर में अमरीका पर हुए हमले के बाद उन्होंने निगरानी कार्यक्रम को स्वीकृति दी थी. बुश का कहना था कि ऐसे लोगों पर नज़र रखी जा रही थी जिनके ‘अल क़ायदा और चरमपंथी संगठनों के साथ संबंध’ हैं. उन्होंने इस ओर इशारा किया है कि न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार ने जो किया वो गैर ज़िम्मेदाराना है. राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि इसका मतलब है कि देश के दुश्मनों को वो जानकारी मिल गई है जो उन्हें नहीं मिलनी चाहिए थी. राष्ट्रपति बुश ने ये भी कहा है कि इस कार्यक्रम को बंद करने की कोई योजना नहीं है और निगरानी की इस योजना की हर 45 दिन बाद समीक्षा की जाती है. | इससे जुड़ी ख़बरें पैट्रियट क़ानून पर बुश को झटका23 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना बुश पर 'जासूसी की इजाज़त' का आरोप16 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना यातना विधेयक को बुश का समर्थन15 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना सीआईए के बारे में दावे 'विश्वसनीय'13 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना सभी बंदियों तक रेड क्रॉस की पहुँच नहीं09 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना गुप्त जेलों के मामले पर राइस का भरोसा08 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना रोमानिया में अड्डे बनाएगा अमरीका 07 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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