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बुधवार, 21 दिसंबर, 2005 को 00:31 GMT तक के समाचार
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'इंटैलीजेंट डिज़ाइन' को पढ़ाने पर रोक
डार्विन
अमरीका में एक न्यायालय ने स्कूलों में मानव विकास के डार्विन सिद्धांत के साथ-साथ 'इंटैलीजेंट डिज़ाइन' नाम के एक वैकल्पिक सिद्धांत को पढ़ाने के ख़िलाफ़ फ़ैसला सुनाया है.

अमरीकी राज्य पेनसिल्वेनिया के डोवर शहर में स्कूली बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल के बोर्ड पर इस बात के लिए मुक़दमा दायर किया कि वहाँ बॉयोलोजी की कक्षा में मानव विकास को एक तथ्य के तौर पर नहीं पढ़ाया जा रहा.

अधिकारी इस सिद्धांत को पेश करना चाहते थे कि ज़मीन पर जीवन का विचार इतना पेचीदा था कि उसका ख़ुद विकास होना असंभव था.

जज जॉन जोन्स ने फ़ैसला सुनाया कि स्कूल के बोर्ड ने उस संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन किया है जिसमें सार्वजनिक स्कूलों में धार्मिक शिक्षा पर पाबंदी लगाई गई है.

इस मुक़दमे की शुरूआत करने वाले 11 अभिभावकों ने तर्क दिया कि 'इंटैलीजेंट डिज़ाइन' नामक सिद्धांत को पढ़ाना दरअसल 'सृष्टिवाद' को पढ़ाना है और यह संविधान में निषिद्ध है.

'इंटैलीजेंट डिज़ाइन' का विचार है कि जीवन के विकास में किसी दैवी शक्ति का हाथ रहा होगा. अभिभावकों ने शिकायत की कि यह विचार दरअसल धार्मिक शिक्षा का ही एक रूप है.

अमरीकी संविधान में चर्च और राज्य (सरकार) को अलग-अलग रखा गया है.

निषिद्ध

स्कूल के बोर्ड ने तर्क दिया कि वे चार्ल्स डार्विन के मानव विकास सिद्धांत के कुछ विकल्पों को पेश करके विज्ञान की शिक्षा को और बेहतर बनाना चाहते थे.

संविधान के ख़िलाफ़
 आज हमारा निष्कर्ष है कि स्कूलों में विज्ञान की कक्षा में डार्विन के विकास सिद्धांत के विकल्प के तौर पर 'इंटैलीजेंट डिज़ाइन' को पढ़ाना संविधान के ख़िलाफ़ है.
जज जॉन जोन्स

लेकिन जज जोन्स ने कहा कि वह इस नतीजे पर पहुँचे हैं कि 'इंटैलीजेंट डिज़ाइन' अपने आप में विज्ञान नहीं है और "यह ख़ुद को उत्पत्तिवाद के सिद्धांत से अलग नहीं कर सकता इसलिए यह सिद्धांत धार्मिक है."

139 पन्नों के अपने फ़ैसले में जज ने कहा, "आज हमारा निष्कर्ष है कि स्कूलों में विज्ञान की कक्षा में डार्विन के विकास सिद्धांत के विकल्प के तौर पर 'इंटैलीजेंट डिज़ाइन' को पढ़ाना संविधान के ख़िलाफ़ है."

जज ने स्कूल के बोर्ड पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए 'इंटैलीजेंट डिज़ाइन' नामक विचार की आड़ ली है.

जज ने कहा, "हमने पाया है कि बोर्ड ने जिन धर्मनिर्पेक्ष उद्देश्यों का दावा किया है वे दरअसल उनके असल इरादों को पूरा करने का एक तरीका हैं और वे उद्देश्य थे सार्वजनिक स्कूलों की कक्षाओं में धर्म को बढ़ावा देना."

जज ने डोवर के स्कूलों में 'इंटैलीजेंट डिज़ाइन' विचार को भविष्य में पढ़ाए जाने पर पाबंदी भी लगा दी.

वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता जेम्स कूमरसामी का कहना है कि अमरीकी जैसे देश में यह एक अहम फ़ैसला है क्योंकि वहाँ अनेक राज्यों में 'इंटैलीजेंट डिज़ाइन' विचार को स्कूलों में पढ़ाया जा रहा है.

संवाददाता का यह भी कहना है कि यह दरअसल डोवर इलाक़े में अकादमी महत्व का फ़ैसला है क्योंकि अभिभावकों ने स्कूल के उस बोर्ड को बदलने के लिए मतदान किया था जिसने 'इंटैलीजेंट डिज़ाइन' की नीति लागू की थी.

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