BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 17 दिसंबर, 2005 को 00:39 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
विवादित प्रावधानों को दोबारा मंज़ूरी नहीं
बुश
पैट्रियट क़ानून के विवादास्पद प्रावधानों की अविध समाप्त हो रही है
अमरीकी सीनेट ने पैट्रियट क़ानून के अहम प्रवाधनों को दोबारा मंज़ूरी देने से मना कर दिया है. पैट्रियट एक्ट के इन प्रावधानों की अवधि इस साल के अंत में समाप्त हो रही है.

सीनेट का कहना है कि इस एक्ट के प्रावधानों से अमरीकियों की निजी जिंदगी में दख़ल हो रहा है.

आतंकवाद विरोधी पैट्रियट क़ानून 11 सितंबर को हुए हमलों के बाद लागू किया गया था.

पैट्रियट क़ानून के जिस प्रावधान पर सीनेट को सबसे ज़्यादा आपत्ति है वो है सरकार का ख़ुफ़िया तरीके से फ़ोन टैप करवाना, लोगों द्वारा लाइब्रेरी में पढ़ी गई किताबों के बारे में जानकारी लेना और अस्पतालों के रिकॉर्ड हासिल करना.

रिपब्लिकन पार्टी और व्हाइट हाउस इस कोशिश में लगे हुए थे कि पैट्रियट एक्ट के प्रावधानों को स्थायी रुप में मंज़ूरी मिल जाए.

बुश की शिकस्त

इस मामले पर अमरीकी सीनेटर पैट्रिक लीही ने कहा कि ऐसे क़ानून पारित होने चाहिए जो अमरीका की सुरक्षा करतें हों और यहाँ के लोगों के अधिकारों की रक्षा करते हों.

 मैने व्हाइट हाउस से भी कहा है कि मैं पैट्रियट क़ानून ख़त्म करने की बात नहीं कर रहा, मैं इसमें सुधारों की बात कर रहा हूँ
पैट्रिक लीही, अमरीकी सीनेटर

उनका कहना था, “मैने व्हाइट हाउस से भी कहा है कि मैं पैट्रियट क़ानून ख़त्म करने की बात नहीं कर रहा, मैं इसमें सुधारों की बात कर रहा हूँ.”

पिछले 24 घंटों के अंदर अंदर कांग्रेस के हाथों राष्ट्रपति बुश की ये दूसरी हार है.

इससे पहले गुरुवार को ही राष्ट्रपति बुश को यातना संबंधी विधेयक को अपना समर्थन देना पड़ा था.

अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा था कि कि संदिग्ध चरमपंथियों के साथ अमानवीय बर्ताव करने और उन्हें यातना देने पर रोक लगाने संबंधी विधेयक का वे समर्थन करेंगे.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ कांग्रेस के दबाव के चलते ही राष्ट्रपति बुश इस विधेयक पर सहमत हुए थे.

संवाददाता ने बताया कि जब सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों ने इस विधेयक का समर्थन किया तो राष्ट्रपति बुश के पास कोई और विकल्प नहीं बचा.

राष्ट्रपति बुश कहते आएँ हैं कि यातना पर रोक संबंधी विधेयक से ख़ुफ़िया एजेंसियों के काम में बाधा आएगी.

बीबीसी संवाददाता ने कहा है कि व्हाइट हाउस को अपने ही समर्थकों को समझाने में काफ़ी दिक्कत हो रही है कि ‘आंतकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई’ के नाम पर जो कुछ भी किया जा रहा है वो सब क़दम हमेशा ही न्याय उचित हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
बुश पर 'जासूसी की इजाज़त' का आरोप
16 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना
यातना विधेयक को बुश का समर्थन
15 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>