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एंगेला मर्केल ने झुकने से इनकार किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा है कि इराक़ में एक जर्मन महिला के अपहर्ताओं की धमकियों के सामने वे नहीं झुकेंगी. चांसलर के रूप में संसद को अपने पहले संबोधन में मर्केल ने यह बात कही है. ग़ौरतलब है कि जर्मनी की एक मानवाधिकार कार्यकर्ता सुसान ऑस्टोफ़ का इराक़ में अपहरण कर लिया गया है और अपहर्ताओं ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है. लेकिन एंगेला मर्केल ने कहा कि वह 43 वर्षीय ऑस्टोफ़ की रिहाई के लिए जो कुछ कर सकती हैं, कर रही हैं. ऑस्टोफ़ का शुक्रवार को अपहरण कर लिया गया था और अपहरणकर्तओं ने कहा है कि अगर जर्मनी ने इराक़ सरकार से अपने संबंध नहीं तोड़े तो ऑस्टोफ़ की हत्या कर दी जाएगी. एंगेला मर्केल के चांसलर बनने के बाद ऑस्टोफ़ का अपहरण उनके लिए पहला बड़ा इम्तेहान होगा. उन्होंने ऑस्टोफ़ के परिवार से संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि सरकार "उनकी सुरक्षा के लिए जो कुछ कर सकती है, करेगी." लेकिन उन्होंने अपहर्ताओं के सामने झुकने से इनकार किया. | इससे जुड़ी ख़बरें सद्दाम के विरूद्ध आज से फिर सुनवाई28 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना बकवास हैं अलावी के आरोप: तालबानी27 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना इराक़ में और सैनिक नहीं भेजेंगे: बुश29 जून, 2005 | पहला पन्ना इराक़ी मुआवज़ा रद्द करने की मांग 28 जून, 2005 | पहला पन्ना इराक़ पर समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे बुश28 जून, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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