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दोषी पाए गए विदेशी निकाले जाएंगे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ्रांस के गृह मंत्री निकोलस सारकोज़ी ने आदेश दिया है कि दंगों में भाग लेने के दोषी पाए जाने वाले विदेशी नागरिकों को देश से निकाल दिया जाए. उन्होंने फ़्रांसीसी संसद को बताया है कि 120 विदेशी लोगों को पिछले 13 दिन से फ़्रांस में जारी दंगों में दोषी पाया गया है और उन्हें बिना किसी देरी के उनके देश वापस भेज दिया जाएगा. साथ ही सारकोज़ी का ये भी कहना था कि ऐसा नहीं है कि इन 120 लोगों में से सभी फ़्रांस में ग़ैर-क़ानूनी ढंग से मौजूद हैं. महत्वपूर्ण है कि सारकोज़ी ने कहा, "मैने आदेश दिए हैं कि इन लोगों को बिना समय गँवाए के देश से बाहर भेजा जाए, फिर चाहे इनमें वे लोग भी हों जिन्हें देश में अनिश्चितकाल तक रहने का वीज़ा दिया गया है." आपातकाल की घोषणा इससे पहले फ़्रांस की सरकार ने फ़्रांस और 30 अन्य शहरों में अस्थायी तौर पर आपातकाल लागू करने की घोषणा कर दी. इसके बाद प्रशासन को मिले विशेषाधिकारों में क़र्फ़्यू लगाना, घर पर नज़रबंद करना, जनसभाओं पर प्रतिबंध लगाना और अचानक तलाशी लेना शामिल हैं. उधर फ्रांस के प्रधानमंत्री डॉमिनिक द विलेपाँ ने नस्ल के आधार पर भेदभाव ख़त्म करने के बारे में क़दम उठाने का वादा किया है. विश्लेषक नस्ल के आधार पर भेदभाव को आप्रवासी समुदायों में बेरोज़गारी का मुख्य कारण मानते हैं. मंगलवार को फ़्रांस के नगरों में जारी हिंसा में काफ़ी कमी आई. फ़्रांस के 116 ज़िलों में हिंसक घटनाओं की ख़बरें मिली. ये संख्या सोमवार को हुई घटनाओं के मुकाबले में लगभग आधी है. दंगे जिन इलाक़ों में हुए हैं वहाँ अफ्रीकी और अरब मूल के लोग रहते हैं. तेरह दिन पहले इन समुदायों के दो युवकों की बिजली के झटके लगने से तब मृत्यु हो गई थी जब वे पुलिस से छिप रहे थे. इसके बाद दंगे भड़क उठे. इन इलाक़ों में बेरोज़गारी बाक़ी देश की तुलना में काफ़ी अधिक है और दंगाइयों का आरोप है कि उनके साथ भेदभाव होता है. | इससे जुड़ी ख़बरें पेरिस में शांति मार्च निकाला गया05 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना फ्रांस में मंत्रियों ने की आपात बैठक 05 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना पेरिस के बाहरी इलाक़े में हिंसा जारी03 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना पेरिस के बाहरी इलाक़ों में हिंसा जारी03 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना फ़्रांस के कई नगरों में दंगे भड़के02 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना पेरिस के होटल में आग लगी, 20 मरे15 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना शिराक़ ने बुश की उम्मीदों पर पानी फेरा09 जून, 2004 | पहला पन्ना सिख और एशियाई मुसलमान चिंतित 12 फ़रवरी, 2004 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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