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फ़्रांस के कई नगरों में दंगे भड़के | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़्रांस की राजधानी पेरिस के बाहरी इलाक़ों में शुरु हुए दंगे कई फ़्रांसीसी नगरों में फैल गए हैं. लगातार छठे दिन भी कई जगह झड़पें हुई हैं. ये दंगे क्लिशी-सोऊ बोई नगर में आप्रवासियों और पुलिस के बीच झड़पों से शुरु हुए थे. वहाँ भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई है और स्थिति शांत बताई जाती है. पेरिस के आसपास कई नगरों से मिल रही ख़बरों से पता चला है कि दंगाइयों के गुटों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और पुलिस ने रबड़ की गोलियाँ चलाईं. कई युवकों ने 60 वाहनों, कचरे के ढ़ेरों और एक प्राइमरी स्कूल की इमारत को आग लगा दी. सबसे ज़्यादा झड़पें पेरिस के उत्तर-पूर्व में स्थित सिएन सेंट डैनिस क्षेत्र में हुई हैं. इसके निवासी काफ़ी ग़रीबी में गुज़ारा करते हैं. ये गतिविधियाँ शुरु होने के बाद पहली बार कुछ अन्य जगह से भी हिंसा की ख़बरें मिलने लगी हैं. इनमें पेरिस के दक्षिण में स्थित दो नगर शामिल हैं. फ़्रांस के प्रधानमत्री दामिनिक द विलेपाँ ने शांति की अपील की है. | इससे जुड़ी ख़बरें पेरिस के होटल में आग लगी, 20 मरे15 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना शिराक़ ने बुश की उम्मीदों पर पानी फेरा09 जून, 2004 | पहला पन्ना सिख और एशियाई मुसलमान चिंतित 12 फ़रवरी, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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