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संयुक्त राष्ट्र ने मदद की अपील की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र ने दक्षिण एशिया में आए भूकंप से प्रभावित लोगों के लिए 27 करोड़ डॉलर की मदद की अपील की है. अगले छह महीनों में लोगों को खाना, पानी, दवाएँ और सर्दी से बचने के लिए ज़रूरी सामान मुहैया करवाने के लिए इस धनराशि की ज़रूरत है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस भूकंप से कुल मिलाकर चालीस लाख लोग प्रभावित हुए हैं और दस लाख लोगों को तत्काल मदद की सख़्त ज़रूरत है. संयुक्त राष्ट्र के आपदा प्रबंधन विभाग के समन्वयक वाई स्टीवंस ने कहा है कि कम से कम तीस हज़ार लोगों की मौत हुई है और यह सूनामी के बाद अब तक की सबसे बड़ी आपदा है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि 27 करोड़ डॉलर तो फ़ौरी ज़रूरतों के लिए है, पुनर्निर्माण के लिए और अधिक धनराशि की ज़रूरत होगी. मदद इस बीच कई देशों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने पाकिस्तान को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात दोनों ने दस-दस करोड़ डॉलर देने की बात कही है.
एशिया विकास बैंक ने कहा है कि वो वर्तमान योजनाओं से पैसा हटाकर भूकंप प्रभावितों को एक करोड़ डॉलर दे रहा है जबकि विश्व बैंक दो करोड़ डॉलर. विश्व खाद्य कार्यक्रम, विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ़ राहत कार्यों में लगे हुए हैं. नैटो भी हवाई जहाज़ और राहतदल भेजने की तैयारी कर रहा है. अफ़ग़ानिस्तान ने चार हेलिकॉप्टर, चार टन दवाई, 20 टन खाना और डॉक्टरों का दल भेजा है. बांग्लादेश दुनिया के सबसे ग़रीब देशों में से है लेकिन उसने भी 20 हज़ार कंबल और दवाइयाँ भेजने की बात कही है. |
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