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भारत का सुझाव पाक को मंज़ूर नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान ने भारत के इस प्रस्ताव को नामंज़ूर कर दिया है कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में भारत नियंत्रण रेखा के रास्ते मदद भेज सकता है. पाकिस्तान ने कहा है कि वह भारत से मिलने वाली राहत सामग्री को स्वीकार कर रहा है लेकिन नियंत्रण रेखा की ओर से मदद का भारतीय सुझाव उसे स्वीकार्य नहीं है. भारत के विदेश सचिव श्याम सरन ने सोमवार को पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद की घोषणा करते हुए ऐसे विचार प्रकट किए थे. भूकंप प्रभावितों की मदद के लिए भारत से एक विमान मंगलवार शाम पाकिस्तान के लिए रवाना होगा. कुल मिलाकर 25 टन राहत सामग्री भेजी जाएगी जिसमें में कंबल, टेंट और खाद्य सामग्री शामिल है. भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अज़ीज़ अहमद खान और भारत के विदेश सचिव ने सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की थी. इस मुलाक़ात में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मारे गए लोगों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की. अज़ीज़ अहमद खान ने प्रधानमंत्री को उन आवश्यक चीजों की सूची सौंपी जिनकी पाकिस्तान में इस वक़्त ज़रूरत है. अज़ीज़ अहमद खान ने बताया कि पाकिस्तान के विदेश सचिव ने शाम को इस्लामाबाद में पड़ोसी देशों की बुलाई थी जिसमें उन्होंने आवश्यक चीज़ों की सूची के बारे में बताया. भारत ने और मदद देने की भी पेशकश की है. इससे पहले पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने मदद करने की भारत की पेशकश पर कहा था कि इससे भावनात्मक मुद्दा जुड़ा हुआ है. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान को इस आपदा की घड़ी में दवाइयाँ, टैंट, कंबल और पीड़ितों तक पहुँचने के लिए और हेलीकॉप्टरों की ज़रूरत है. परवेज़ मुशर्रफ़ ने देशवासियों से अपील की कि मुश्किल की इस घड़ी में एकजुटता से काम लें. शनिवार को आए भूकंप में मारे गए लोगों की संख्या लगभग 25 हज़ार है और 40 हज़ार से ज़्यादा घायल हैं. सबसे ज़्यादा पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के इलाक़े प्रभावित हुए हैं और पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत का बालाकोट इलाक़ा तो पूरी तरह तबाह हो गया है. भारत प्रशासित कश्मीर में भी बड़ी तबाही हुई है और वहाँ 865 लोगों की जान चली गई है और कई गाँव तबाह हो गए हैं. तंगधार में 350 से ज़्यादा लोग और कुपवाड़ा में ही ढाई सौ से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. अभी बहुत से ऐसे इलाक़े हैं जहाँ राहतकर्मी पहुँचने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं इसलिए प्रभावित इलाक़ों में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई गई है. |
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