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दुनिया भर से मिल रही है सहायता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान और भारत में आए भयंकर भूकंप की त्रासदी को देखते हुए दुनिया के कई देशों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है. खाड़ी के देश कुवैत ने पाकिस्तान को 10 करोड़ डॉलर की मदद देने की घोषणा की है. अमरीका का एक विमान पाँच करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता का पैकेज लेकर इस्लामाबाद पहुँच चुका है. मदद के तौर पर विश्व बैंक ने दो करोड़ डॉलर और एशियाई विकास बैंक ने एक करोड़ डॉलर की रक़म पाकिस्तान को देने की घोषणा की है. इसके अलावा, नैटो इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या अफ़ग़ानिस्तान में तैनात सैनिकों को सहायता के काम के लिए पाकिस्तान के भूकंप प्रभावित इलाक़ों में भेजा जाए. यूरोपीय संघ, अमरीका और जापान सहायता की घोषणा के साथ सबसे पहले आगे आए, उसके बाद से आर्थिक सहायता की घोषणा का सिलसिला जारी है. ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, जर्मनी, चेक गणराज्य, फ्रांस, आयरलैंड, रूस, स्वीडन, तुर्की, स्विट्ज़रलैंड, नीदरलैंड और ग्रीस ने फ़ौरी तौर पर मदद करने की घोषणा की है.
भारत के विदेश सचिव श्याम सरन ने कहा है कि पाकिस्तान में भूकंप प्रभावितों की मदद के लिए भारत से एक विमान मंगलवार शाम पाकिस्तान के लिए रवाना होगा. कुल मिलाकर 25 टन राहत सामग्री भेजी जाएगी जिसमें में कंबल, तंबू और खाद्य सामग्री शामिल है. कुवैती मंत्रिमंडल ने कहा है कि पाकिस्तान को दस करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता में से आधी राशि तत्काल दी जाएगी जबकि बाक़ी रक़म पुनर्निर्माण के लिए होगी. पाकिस्तानी राजदूत से बातचीत के बाद अमरीका के राष्ट्रपति भवन ने पड़ोसी देश अफ़ग़ानिस्तान में तैनात अपने आठ हेलिकॉप्टरों को पाकिस्तान की मदद के काम में लगा दिया. टीमें ब्रिटेन, तुर्की, जापान, संयुक्त अरब अमीरात और चीन के बचाव दल पहले ही काम में जुटे हुए हैं. पाकिस्तान की सेना अब अंतरराष्ट्रीय बचाव दलों को मुज़फ़्फ़राबाद और बालाकोट भेज रही है जो भूकंप से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और वहाँ बचाव कार्य को लेकर लोग शिकायतें कर रहे हैं. इस बीच यूनिसेफ़ ने कहा है कि वह अनाथ और घायल बच्चों के लिए अपना कार्यक्रम शुरू कर चुका है, यूनिसेफ़ का कहना है कि भूकंप से प्रभावित लोगों में से पचास प्रतिशत बच्चे हैं. ब्रिटेन की कल्याणकारी संस्था ऑक्सफ़ैम ने कहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर मदद के काम में जुट रही है. |
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