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अब भारत में बनेगी फ्रांसीसी पनडुब्बी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और फ़्रांस ने स्कोर्पीन श्रेणी की छह पनडुब्बियों के भारत में निर्माण पर गुरुवार को एक समझौता किया. इन पनडुब्बियों पर तीन अरब डॉलर की लागत आएगी. इस समझौते पर रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एस बनर्जी और फ़्रांस के राजदूत डॉमिनिक जिरार्ड ने हस्ताक्षर किए. समझौते के तहत भारत मुंबई स्थित मज़गाँव गोदी में पनडुब्बी तैयार करेगा और इसके लिए फ़्रांस आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराएगा. हालांकि समझौते के सात साल बाद पहली पनडुब्बी तैयार हो पाएगी. इसके बाद हर साल एक पनडुब्बी तैयार हुआ करेगी. इन पनडुब्बियों में मिसाइल और टारपीडो लगे होंगे. इसके पहले फ्रांस और भारत परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हो गए थे. हाल में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की फ्रांस यात्रा के दौरान दोनों देशो के बीच इस आशय का एक समझौता हुआ था. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच पनडुब्बियां के निर्माण के संबंध में भी समझौता हुआ था. फ्रांस के राष्ट्रपति जॉक शिराक ने घोषणा की थी कि यह सौदा दोनों देशों के बीच विश्वास, दोस्ती और सहयोग को दर्शाता है. भारतीय प्रधानमंत्री ने भी कहा था कि भारत फ्रांस के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाना चाहता है. |
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