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अल सल्वाडोर में ज्वालामुखी फटा, दो मरे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अल सल्वाडोर का सबसे बड़ा ज्वालामुखी इलामाटिपेक फट पड़ा है. राख, लावा और चट्टानें डेढ़ किलोमीटर दूर तक जाकर गिरे हैं. ख़बरों के अनुसार ज्वालामुखी विस्फोट के कारण हुए भूस्खलन में दो लोग मारे गए हैं. ज्वालामुखी क्रेटर से निकले पत्थरों की चपेट में आकर कई लोगों के घायल होने की भी ख़बर है. इलामाटिपेक पहाड़ के आसपास के गाँवों को खाली करा लिया गया है. इस इलाक़े में क़रीब 10 हज़ार लोग रहते हैं. यहाँ से 30 परिवारों को शुक्रवार को ही हटा लिया गया था जब ज्वालामुखी से धुआँ निकलता देखा गया. इलामाटिपेक ज्वालामुखी से चार किलोमीटर दूर तक के इलाक़ों को सर्वाधिक ख़तरा वाला क्षेत्र घोषित कर दिया गया है. अल सल्वाडोर के सबसे ऊँचे इलामाटिपेक ज्वालामुखी को सांता अना नाम से भी जाना जाता है. राजधानी सान सल्वाडोर से 60 किलोमीटरर दूर स्थित यह ज्वालामुखी 1904 से ही सुसुप्तावस्था में था. अधिकारियों ने दूसरे बड़े धमाके की आशंका जताते हुए लोगों से ज्वालामुखी विस्फोट देखने के लिए इलामाटिपेक के पास जाने से मना किया है. |
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