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मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ महिलाओं का प्रदर्शन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया है. इन कार्यकर्ताओं की माँग थी कि पाकिस्तान में बलात्कार की शिकार होने वाली महिलाओं के बारे में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने जो टिप्पणी की है उसके लिए वे माफ़ी माँगे. महिला अधिकार कार्यकर्ताओं के इस प्रदर्शन में कई महिला संगठन और ग़ैर सरकारी संगठन भी शामिल हुए. ये प्रदर्शन संसद और राष्ट्रपति निवास के पास आयोजित किया गया. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ नारे लगाते हुए कहा कि राष्ट्रपति की टिप्पणी पाकिस्तानी महिलाओं का अपमान करती है. ये पूरा विवाद राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान शुरू हुआ जब उन्होंने 'वाशिंग्टन पोस्ट' अख़बार से बातचीत में विवादास्पद बयान दिया था. इस बातचीत में उन्होंने महिलाओं के संरक्षण की सरकार की कोशिशों का बचाव किया था. लेकिन साथ ही बलात्कार की घटनाओं के बारे में पूछे जाने पर मुशर्रफ़ ने कहा था, " बलात्कार को पैसा बनाने और वीज़ा लेने का साधन बना लिया गया है.” कनाडा के प्रधानमंत्री समेत पाकिस्तान में कई संगठनों की आलोचना के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने इस बात से इनकार कर दिया कि उन्होंने ऐसा कोई बयान दिया था. इसके जबाव में वाशिंग्टन पोस्ट ने कहा कि उसने राष्ट्रपति की बात को जस का तस छापा है. इसके अलावा अख़बार ने साक्षात्कार की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जारी की. |
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