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मुशर्रफ़ ने माफ़ी माँगने से इनकार किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के वॉशिंग्टन पोस्ट अख़बार में महिलाओं और बलात्कार पर छपे बयान से उठा विवाद गहरा गया है. उस बयान से ख़ुद को अलग करते हुए राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने माफ़ी माँगने से इनकार कर दिया है. अख़बार के अनुसार उन्होंने कहा था, "अनेक लोग कहते हैं कि यदि आपको विदेश जाना हो, कनाडा के लिए वीज़ा या नागरिकता लेनी हो, लखपति बनना हो बलात्कार करा लो." उधर न्यूयॉर्क में कनाडा के प्रधानमंत्री ने ये मामला उनके साथ उठाया था, इस बयान की कड़ी निंदा की थी और कहा था कि ये नामुनासिब बात है. पाकिस्तान और अमरीका में महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और महिला संगठनों ने इस पर तीख़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. दूसरी ओर राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा है कि वे माफ़ी नहीं माँगेंगे क्योंकि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया जो महिलाओं के ख़िलाफ़ हो. बीबीसी उर्दू सेवा की आयशा तंज़ीम के अनुसार राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि वे इतने असवेदनशील नहीं हैं कि वे ऐसी बात कहें. उनका कहना है कि उनके शब्दों का ग़लत मतलब निकाला गया है या उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है. मुख़्तार माई पाकिस्तान के सर्वाधिक चर्चित बलात्कार कांड की पीड़ित मुख्तार माई ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि कोई भी औरत पैसे के ख़ातिर वैसे भयानक अनुभव से नहीं गुजरना चाहेंगी. मुख़तार माई ने कहा, "पंचायत के आदेश पर मेरे साथ हुए सामूहिक बलात्कार के कारण बनाए सारे पैसे मैं न्याय की ख़ातिर राष्ट्रपति को देने को तैयार हूँ." मुशर्रफ़ के बयान के विरोध में कराची में प्रदर्शन हो चुका है. 'वीमेन्स एक्शन फ़ोरम' ने मुशर्रफ़ के बयान को अमर्यादित बताया. आयशा तंज़ीम के मुताबिक अमरीका में महिलाओं के अधिकारों की संस्था 'अना' भी शनिवार को प्रदर्शन करेगी. |
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