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ईरान में 'प्रेम कोष' की पेशकश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान में नई सरकार ने ग़रीब युवक-युवतियों की मदद के इरादे से एक प्रेम कोष बनाने की पेशकश की है. इस कोष के ज़रिए उन ग़रीब परिवारों में शादी में मदद की जाएगी जो शादी का ख़र्च उठाने में असमर्थ हैं यानी शादी-ब्याह में युवाओं की मदद की जाएगी. इस प्रेम कोष में क़रीब एक अरब तीस करोड़ डॉलर की रक़म रखी जाएगी लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रेम कोष के लिए रक़म कहाँ से आएगी और यह रक़म बाँटने का आधार क्या होगा. राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने कहा था कि देश की तेल संपदा का बँटवारा समानता के आधार पर होना चाहिए और इससे सिर्फ़ उच्च और मध्यमवर्ग के लोगों को ही फ़ायदा नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा था कि वह देश की तेल संपदा का इस्तेमाल ग़रीबों की भलाई के लिए करेंगे लेकिन अर्थशास्त्रियों का कहना है कि तेल संपदा का इस्तेमाल इस तरह के सामाजिक भलाई वाले कामों में लगाने से महंगाई को बढ़ावा मिल सकता है. संवाददाताओं का कहना है कि ईरान में शादी-ब्याह काफ़ी ख़र्चीले साबित होते हैं क्योंकि बहुत से लोग इस मौक़े पर अपनी सामाजित प्रतिष्ठा बढाने के मक़सद से बड़े-बड़े समारोह आयोजित करते हैं और बहुत से मेहमानों को आमंत्रित करते हैं. इस योजना को नए राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की नई सरकार ने मंज़ूरी दी है. अहमदीनेजाद ने ग़रीबों की मदद के नारे पर ही चुनाव लड़ा था और जीते भी. राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने चुनावी अभियान के तहत ख़ुद को आम ईरानियों का दोस्त के रूप में पेश किया था. अब प्रेम कोष बनाने के विधेयक की पेशकश के साथ ही नई सरकार ने अपने वादे पूरे करने की तरफ़ एक क़दम बढ़ाया है. प्रस्तावित प्रेम कोष को संसद की मंज़ूरी मिलना ज़रूरी है लेकिन संसद में बहुमत रखने वाले परंपरावादी सदस्यों की भी इसे मंज़ूरी मिलने की उम्मीद की जा रही है क्योंकि यह सीधे आम लोगों को लुभाने वाला क़दम होगा. |
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