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ईरान दबाव में नहीं आएगा: अहमदीनेजाद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महमूद अहमदीनेजाद ने ईरान के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है. शपथ ग्रहण के बाद ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने कहा है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय क़ानून का सम्मान करता है लेकिन वह किसी के दबाव में नहीं आएगा. पिछले दिनों देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्ला अली ख़मनेई ने उनके नाम को मंज़ूरी दे दी थी. ईरानी क्रांति के बाद वे राष्ट्रपति बनने वाले दूसरे ऐसे व्यक्ति हैं, जो मौलवी नहीं हैं. शपथ ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में महमूद अहमदीनेजाद ने ईरान और इस्लाम की रक्षा करने का वादा किया. संसद को संबोधित करते हुए नए राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता पर क़ायम है. जानकारों का कहना है कि उनका इशारा परमाणु मुद्दे को लेकर चल रहे मतभेदों की ओर था. उन्होंने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का सम्मान करता है लेकिन वह किसी भी देश की नाजायज़ मांगों के आगे नहीं झुकेगा. राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि कुछ लोग ईरान से ग़ैरक़ानूनी मांग कर रहे हैं और वे ईरानी लोगों को उनके अधिकारों से वंचित करना चाहते हैं. ईरान का मानना है कि यूरोपीय संघ की यह मांग नाजायज़ है कि ईरान उससे मिलने वाली आर्थिक सुविधा के बदले अपना परमाणु ईंधन बनाने के सभी कार्यक्रम रोक दे. परमाणु मुद्दे के अलावा राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने देश में बढ़ती बेरोज़गारी की भी बात की और कहा कि वे इस समस्या से निपटने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा कि वे एक ऐसी सरकार चाहते हैं जो लोगों का ध्यान रखे, उन्हें न्याय दिलाए और उनकी सेवा करे. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अहमदीनेजाद अपने नए मंत्रिमंडल की घोषणा कर देंगे. |
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