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समलैंगिक दंपत्तियों के अधिकार समान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में कैलिफ़ोर्निया राज्य के उच्चतम न्यायलय ने अपने एक फ़ैसले में कहा है कि समलैंगिक दंपत्तियों के अलग हो जाने पर दोनों अभिभावकों के अपने बच्चों के प्रति अधिकार और दायित्व समान रहेंगें. यह फ़ैसला तीन समलैंगिक दंपत्तियों के मामले में सुनाया गया है जो अलग-अलग परिस्थितियों में गर्भवती हुईं. अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा है कि इन दंपत्तियों की परिस्थियों में भिन्नता होने के बावजूद प्रत्येक महिला के अभिभावक होने के अधिकार और वित्तीय दायित्व सामान्य दंपत्तियों की तरह ही होंगें. यह फ़ैसला उस समय आया है जबकि कैलिफ़ोर्निया में समलैंगिक विवाह को ले कर ख़ासी बहस चल रही है. गर्भधारण दो मामलों में समलैंगिक दंपत्तियों में से एक ने अपना अंडाणु दूसरे साथी को दिया, जिसने अप्राकृतिक तरीक़े से उसे गर्भधारण कर बच्चे को जन्म दिया. दोनों मामलों में महिलाएं बच्चों को मिल कर पाल रहीं थीं, लेकिन जब उनमें अलगाव हुआ तो प्रत्येक मामले में वह माँ जिसने बच्चे को गर्भ में रखा था, क़ानूनी माँ का दर्जा चाहती थी. तीसरे मामले में एलीसा बी और एमिली बी नाम की दो महिलाओं ने तय किया किसी अज्ञात व्यक्ति के शुक्राणु से वो दोनों ही गर्भधारण करेंगी. यह भी तय हुआ कि एमिली घर पर रह कर तीनों बच्चों की परवरिश करेगी. लेकिन जब दोनों महिलाएँ अलग हुईं तो एलीसा ने कहा कि एमिली के गर्भ से पैदा हुए बच्चों को पालने के लिए ख़र्चे का बोझ उस पर नहीं पड़ना चाहिए. राज्य के उच्चतम न्यायालय के न्यायधीशों के एक पीठ ने पहली बार यह फ़ैसला सुनाया कि सामान्य दंपत्तियों के अलग हुए पिताओं पर जो क़ानून लागू होते हैं, वो ही क़ानून समलैंगिक दंपत्तियों के मामले में भी लागू होंगें. समलैंगिक विवाह तीन वर्ष पहले इसी अदालत ने यह फ़ैसला सुनाया था कि समलैंगिक दंपत्तियों में जो व्यक्ति पिता का दायित्व निभाता है वो क़ानूनी पिता का दर्जा हासिल कर सकता है, चाहे वो बच्चे का असली पिता हो या नहीं. न्यायधीश जॉयसी केन्नार्ड का कहना है, "क़ानून के यह सिद्धांत इस मामले में भी पूरी तरह से लागू होते है". उनका कहना था, "क़ानूनी रुप से अभिभावक बनने पर फायदे तो हैं ही लेकिन साथ-साथ ज़िम्मेदारियां भी उठानी पड़ती हैं". एक समलैंगिक महिला की वकील जिल हेर्श का कहना था, "अदालत अब समलैंगिक दंपत्तियों के बच्चों को भी उसी तरह से सुरक्षा दे रहीं हैं जैसी कि सामान्य दंपत्तियों के बच्चों की दी जाती है". यह फ़ैसला उस समय आया है जबकि कैलिफ़ोर्निया में समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता देने पर भारी बहस चल रही है. फरवरी 2004 में सैन फ्रांसिस्को के मेयर ने राज्य के क़ानून को नज़रअंदाज़ करते हुए समलैंगिकों को विवाह प्रमाणपत्र जारी करने का आदेश दिया था. कैलिफ़ोर्निया की उच्चतम अदालत ने अगले महीने ही इस पर रोक लगा दी थी, लेकिन तब तक 3400 से भी अधिक समलैंगिक दंपत्ति यह विवाह प्रमाणपत्र ले चुके थे. |
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