|
यूरोपीय प्रस्ताव को अमरीकी समर्थन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने कहा है कि वह यूरोपीय संघ के उस प्रस्ताव का समर्थन करता है जिसमें पेशकश की गई है कि अगर ईरान यूरेनियम संवर्धन बंद कर दे तो उसे असैनिक उद्देश्यों के लिए परमाणु कार्यक्रम चलाने की इजाज़त दी जा सकती है. अमरीकी विदेश विभाग में जूनियर मंत्री निकोलस बर्न्स ने कहा है कि अमरीका आशा करता है कि ईरान इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेगा. उन्होंने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि ईरान अगले सप्ताह अपना परमाणु गतिविधियाँ फिर से शुरू करने की अपनी धमकी पर अमल नहीं करेगा. ईरान ने अपनी परमाणु गतिविधियों पर नवंबर, 2004 से रोक लगा रखी है. संभावना है कि ईरान यूरोपीय संघ के इस प्रस्ताव पर रविवार को कोई प्रतिक्रिया देगा लेकिन ज़्यादा संभावना इसे ख़ारिज करने की ही जताई जा रही है. वांशिंगटन में एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ईरान के परमाणु मुद्दे पर अमरीका का यह रुख़ बहुत महत्व रखता है. अभी तक तो अमरीका यह कहते हुए ईरान के असैनिक परमाणु कार्यक्रम का भी विरोध करता रहा है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करना चाहता है. निकोलस बर्न्स ने शुक्रवार को वाशिंगटन में कहा कि अमरीका तीन यूरोपीय देशों - ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के इस प्रस्ताव का समर्थन करता है. ये तीनों देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर उससे बातचीत करते रहे हैं. प्रस्ताव इस प्रस्ताव के बारे में सार्वजनिक रूप से जानकारी नहीं दी गई है लेकिन माना जा रहा है कि इसमें ईरान के परमाणु ईंधन के उपयोग के अधिकार को मान्यता दी जाएगी जिसके बदले उसे कुछ वादे करने होंगे.
ईरान का कहना है कि वह इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है लेकिन एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कहा कि तय कार्यक्रम के अनुसार अगले सप्ताह से यूरेनियम संवर्धन का काम शुरू हो जाएगा. अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद ईरान ने नवंबर, 2044 में यूरेनियम संवर्धन रोक दिया था लेकिन पिछले सप्ताह घोषणा की गई कि इस्फ़हान के निकट स्थित संयंत्र में बुधवार से संवर्धन का काम शुरू हो जाएगा. ईरान ने ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के साथ इस मुद्दे पर चल रही बातचीत में प्रगति नहीं होने को इस निर्णय का मुख्य कारण बताया. इन तीन देशों ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु मामलों की संस्था आईएईए की एक आपातकालीन बैठक मंगलवार को बुलाई है, आईएईए इस मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सुपुर्द कर सकता है. ईरान का कहना रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण है लेकिन पश्चिमी देश आशंका व्यक्त करते रहे हैं कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||